अमरकंटक धाम में 29 मई से 31 मई तक आयोजित विशेष स्वच्छता अभियान में पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने स्थानीय जनता के साथ मिलकर श्रमदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी करोड़ों लोगों के जीवनयापन का मुख्य जरिया हैं। उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक से अपनी नदियों और उनके उद्गम क्षेत्रों को प्रदूषण मुक्त तथा समृद्ध बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान पर्यावरण और जल सुरक्षा पर चर्चा करते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जल स्रोतों को बचाना हमारी नैतिक और व्यावहारिक जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर आज हम अपने प्राकृतिक जल भंडारों और उद्गम स्थलों को सुरक्षित रखने में कामयाब होते हैं, तभी हमारी आने वाली नस्लें पानी की कमी से सुरक्षित रह पाएंगी। इस कार्य को उन्होंने केवल पूजा-पाठ से न जोड़कर जीवन की निरंतरता के लिए आवश्यक बताया।
इस पूरे स्वच्छता कार्यक्रम के सफल संचालन में ‘निर्विकार पथ’ तथा ‘मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन’ के सेवाभावी सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। संस्थाओं के साथ-साथ आम जनता और सामाजिक संगठनों ने मिलकर कुंड परिसर और उसके आसपास के हिस्सों की पूरी लगन से सफाई की। इस सामूहिक भागीदारी के कारण यह अभियान इलाके में पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का एक बड़ा जरिया साबित हुआ है।
प्राकृतिक धरोहरों और पानी की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल लंबे समय से जमीनी स्तर पर प्रयासरत रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने जिक्र किया कि प्रदेश में चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की वजह से नदियों की सफाई और जल निकायों के जीर्णोद्धार के काम को एक नई दिशा मिली है। अमरकंटक का यह सेवा कार्य इसी बड़े संकल्प को प्रदर्शित करता है, जो जनसहयोग के बल पर जल संवर्धन के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएगा।