मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा: मध्यप्रदेश में दौड़ेंगी 5206 बसें, इंदौर से जुलाई में होगी शुरुआत

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा: मध्यप्रदेश में दौड़ेंगी 5206 बसें, इंदौर से जुलाई में होगी शुरुआत

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में ‘मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ के संचालक मंडल की एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत प्रदेश भर में यात्री बसों के सुचारू संचालन को लेकर व्यापक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई। योजना के प्रथम चरण में आगामी जुलाई महीने से इंदौर क्षेत्र में बसों का परिचालन विधिवत रूप से प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान बोर्ड के उपाध्यक्ष व परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में बोर्ड के प्रबंध संचालक मनीष सिंह द्वारा प्रस्तुत किए गए रोडमैप के अनुसार, संपूर्ण मध्यप्रदेश को यातायात सुगमता के लिए 7 प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिनमें इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा शामिल हैं। शुरुआत में पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बसों का पहिया इंदौर संभाग से घूमेगा, जहां ‘अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड’ (AICTSL) इसका नोडल केंद्र होगी। जुलाई से इंदौर क्षेत्र में तीन श्रेणियों—इंटर-सिटी (जिलों को जोड़ने वाली), शहर व उपनगरीय मार्गों की सिटी बसें, तथा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के लिए अंतर-राज्यीय बसों का संचालन प्रस्तावित है। इसी के साथ इंदौर शहर में 150 इलेक्ट्रिक बसों की सेवा भी जुलाई से शुरू हो जाएगी।

आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सभी 7 क्षेत्रीय मुख्यालयों से जिला मुख्यालयों को जोड़ने के लिए कुल 620 मार्ग चिह्नित किए गए हैं, जिन पर 2432 बसें चलेंगी। विशेष रूप से इंदौर क्षेत्र के लिए प्रदेश के भीतर 121 मार्गों पर 608 बसें और शहरी व उपनगरीय इलाकों के 28 मार्गों पर 784 बसें (150 ई-बसों सहित) चलाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, पड़ोसी राज्यों के लिए निर्धारित 101 अंतर-राज्यीय मार्गों पर AICTSL द्वारा 276 बसों का प्रबंधन संभाला जाएगा। इस प्रकार, केवल इंदौर से शुरू होने वाली कुल इंटर-सिटी और अंतर-राज्यीय बसों की संख्या 1688 होगी जो 250 विभिन्न मार्गों पर सेवाएं देंगी।

प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि इंदौर की तर्ज पर ही शेष 6 क्षेत्रीय मुख्यालयों में भी वहां की सहायक कंपनियों के जरिए तीनों श्रेणियों की बसें चलाई जाएंगी। राज्य स्तर पर सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 1164 मार्ग चिह्नित किए जा चुके हैं, जिन पर कुल 5206 बसों का संचालन मोटरयान अधिनियम 1988 के सुसंगत प्रावधानों और योजना के प्रकाशन के बाद किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से वर्तमान में संचालित निजी बसों के परमिट पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वे पहले की तरह ही चलती रहेंगी।

इस परिवहन नेटवर्क को संचालित करने के लिए संचालक मंडल ने एक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी और 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के संगठनात्मक ढांचे, सेवा भर्ती नियम-2026 तथा आवश्यक पदों की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। मुख्य होल्डिंग कंपनी में आईटी, प्लानिंग, पॉलिसी, मानव संसाधन, अधोसंरचना, प्रवर्तन एवं गुणवत्ता तथा बिजनेस डेवलपमेंट नामक 7 विभाग होंगे, जिनके प्रमुख मुख्य महाप्रबंधक (CGM) स्तर के होंगे। इन पदों पर आईएएस, राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्तियां प्रतिनियुक्ति, संविदा या संविलयन के जरिए होंगी। होल्डिंग कंपनी में 140 और क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में 150 पद स्वीकृत किए गए हैं। कुल मिलाकर विभिन्न विभागों में 1190 पद सृजित होंगे, जिन्हें आगामी 4 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।

सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बसों का परिचालन सभी प्रमुख आईएसबीटी (ISBT) और बस स्टैंडों से होगा। प्रवर्तन अमले के लिए पुलिस और विशेष सशस्त्र बल (SAF) के अधिकारियों या हाल ही में सेवानिवृत्त कर्मियों को संविदा व प्रतिनियुक्ति पर लिया जाएगा। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों को जन-सुविधाओं को व्यवस्थित करने तथा नगरीय विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे को कंपनियों की देनदारियों पर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए। वहीं मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कंपनी की अधिकृत पूंजी 100 रुपये तथा पेड-अप कैपिटल 35 करोड़ रुपये रखने को कहा। बैठक में वीसी के माध्यम से इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे, कलेक्टर शिवम वर्मा सहित शासन के कई अपर मुख्य सचिव उपस्थित थे।

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