मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर दी सौगात, मध्य प्रदेश में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान का हुआ शिलान्यास

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पर्यावरण दिवस पर दी सौगात, मध्य प्रदेश में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान का हुआ शिलान्यास

विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित कर “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान की आधिकारिक शुरुआत की गई। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को यादगार बनाने के लिए कन्वेंशन सेंटर के परिसर में स्वयं अपने हाथों से आंवला, सीता अशोक, रामफल और स्वर्ण चम्पा के पौधों का रोपण किया। इस पर्यावरण केंद्रित आयोजन में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार तथा अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल की सम्मानजनक उपस्थिति रही।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिपादित किया कि हमारी पारंपरिक सनातन संस्कृति पूरी तरह से पर्यावरण की रक्षा की भावना पर टिकी हुई है। उन्होंने विस्तार से समझाते हुए कहा कि पंचतत्वों से निर्मित इस संपूर्ण ब्रह्मांड को अक्षुण्ण रखने के लिए हमारे दैनिक पूजा-विधान, भोजन के नियमों और अध्यात्म की पद्धतियों में प्रत्येक तत्व के महत्व को स्वीकार किया गया है। सनातन मान्यताओं के अनुसार एक वृक्ष को पालना दस पुत्रों को पालने के समान पुण्यकारी माना गया है, जो यह दर्शाता है कि प्रकृति का संरक्षण हमारी रग-रग में बसा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार पूर्ण संकल्प के साथ पर्यावरण की रक्षा के कार्य कर रही है, जिसके तहत वर्तमान में चलाए जा रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से सूबे की नदियों, कुओं, प्राचीन बावड़ियों और तालाबों को पुनर्जीवित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलन कर मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत की। पर्यावरण के प्रति समर्पित प्रयासों को सराहने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने समारोह के मंच से कुल 8 अलग-अलग श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार वितरित किए। ये सम्मान वर्ष 2024-25 के दौरान प्रदूषण की रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के क्षेत्र में उल्लेखनीय व अनुकरणीय कार्य करने वाले उद्योगों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों को सौंपे गए।

इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा सर्कुलर इकॉनॉमी से जुड़े 5 महत्वपूर्ण कोर्स मॉड्यूल्स का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही, एप्को और इन्टैक के संयुक्त प्रयासों से मध्य प्रदेश के 16 जिलों में स्थित 500 ऐतिहासिक बावड़ियों के जीर्णोद्धार एवं उनके दस्तावेजीकरण से संबंधित प्रलेखों की पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने वहां लगाई गई विकास प्रदर्शनी का भी बारीकी से निरीक्षण किया, जिसमें जल संरक्षण, सर्कुलर इकोनॉमी और पर्यावरण सुधार से जुड़े आधुनिक तौर-तरीकों को दर्शाया गया था।

देश के राजनैतिक विकासक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश के भीतर सुशासन का लगातार 13वां वर्ष प्रारंभ हो चुका है और वे भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित रहने वाले प्रधानमंत्री के रूप में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में 24 दलों के गठबंधन की सरकार को सफलतापूर्वक चलाया था और देश को बुनियादी ढांचा देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी दूरगामी नीतियां दीं। उनकी पूर्ण बहुमत की सरकार की जो इच्छा थी, उसे देश की जनता ने 2014 में पूरा किया। इसी का परिणाम है कि आज हमारा देश आतंकवाद और नक्सलवाद के खतरे से सुरक्षित है और वैश्विक पटल पर हमारे वैज्ञानिक तथा खिलाड़ी देश का मान बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने वैश्विक स्तर पर मंडरा रहे ऊर्जा संकट पर बोलते हुए कहा कि इस समय दुनिया अलनीनो के मौसम चक्र और पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल के कारण ईंधन और ऊर्जा की कमी से जूझ रही है, लेकिन भारत प्रधानमंत्री की सूझबूझ से इस संकट का डटकर मुकाबला कर रहा है। उन्होंने भोपाल की ऐतिहासिक गैस त्रासदी का उदाहरण देते हुए इसे प्रकृति के साथ मानवीय खिलवाड़ का सबसे दर्दनाक परिणाम बताया। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि सरकार ने 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड कारखाने के खतरनाक कचरे को सुरक्षित रूप से नष्ट करवाकर भोपाल की धरती से इस पुराने दाग को साफ कर दिया है और अब उस जमीन के रचनात्मक उपयोग पर विचार किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा का गढ़ बनाने का संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोमास और जल विद्युत जैसी क्लीन-ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं पर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। सांची और खजुराहो जैसे ऐतिहासिक नगरों को पूरी तरह ग्रीन एनर्जी से जोड़ने की योजनाएं प्रगति पर हैं। वन्यप्राणियों के विषय में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन्य जीवन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत सूबे में चीतों को बसाने के बाद अब असम से जंगली भैंसों को भी सुरक्षित लाया गया है, जो प्रकृति और मानव के सह-अस्तित्व का उत्तम उदाहरण है।

उत्कृष्ट कार्यों के लिए इस वर्ष मेसर्स विसाग बायो फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड (बालाघाट), आर.सी.सी.पी.एल. सीमेंट (मैहर), टैफे मोटर्स एंड ट्रैक्टर्स लिमिटेड (मंडीदीप, रायसेन), रामरमा मैंगनीज और माइन्स (बालाघाट), केसर एग्रोटेक (बालाघाट), नगर पालिका परिषद सिवनी मालवा, हमीदिया अस्पताल (भोपाल), विजेश लूनावत स्मृति फाउंडेशन (भोपाल), एक्रोपॉलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च (इंदौर) तथा डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल सूर्य विहार (सिंगरौली) को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया। डॉ. यादव ने कहा कि इन पुरस्कारों से राज्य के अन्य व्यावसायिक घरानों को भी प्रदूषण रोकने की प्रेरणा मिलेगी।

समारोह के समापन सत्र में राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि प्रकृति के संतुलन के लिए हवा, पानी और वनों को बचाना बेहद जरूरी है और “एक पेड़ मां के नाम” योजना आम जनता के सहयोग से आज एक जन-आंदोलन बन चुकी है। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने प्रधानमंत्री के वैश्विक ‘मिशन लाइफ’ (लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। राज्य मंत्री ने यह भी साझा किया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नए उद्योगों की एनओसी प्रक्रिया को सुगम बनाते हुए 30 दिनों की समय सीमा तय की है। शहरों में वायु की गुणवत्ता को प्रदर्शित करने के लिए विशेष डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं ताकि आम जनता अपने परिवेश के प्रति सचेत रह सके।

इस भव्य आयोजन में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, स्थानीय विधायक श्री भगवान दास सबनानी, मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विनोद गोटिया, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, जिला अध्यक्ष श्री रवींद्र यति सहित भारी संख्या में पर्यावरणविद, स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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