सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने देश की आर्थिक प्रगति को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बीते वित्त वर्ष में भारत ने 7.7 प्रतिशत की शानदार जीडीपी विकास दर हासिल की है, जो दुनिया में सबसे अधिक है। मंत्री के मुताबिक, यह सफलता केंद्र सरकार द्वारा पिछले दस वर्षों में लगातार किए गए नीतिगत फैसलों और बुनियादी आर्थिक सुधारों की वजह से मिली है। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘भव्य’ पोर्टल की शुरुआत भी की, जिसका उद्देश्य 100 नए औद्योगिक पार्कों के निर्माण में तेजी लाना है।
इस नई पहल को लेकर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने बीती 23 मई को ही ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ (भव्य) को लागू करने के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 से लेकर 2031-32 तक कुल छह सालों की अवधि में 100 औद्योगिक पार्क तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर सरकार की तरफ से लगभग 33,660 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट खर्च किया जाएगा।
योजना के शुरुआती चरण की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि पहले फेज में एक चुनौतीपूर्ण और प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के जरिए 50 औद्योगिक पार्कों को विकसित किया जाएगा। इसके तहत आगामी 31 जुलाई तक मिलने वाले आवेदनों में से पहले 20 पार्कों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जबकि इसके बाद के चार महीनों में प्राप्त होने वाले आवेदनों के आधार पर बाकी बचे 30 और पार्कों का चुनाव किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि यह कदम देश के औद्योगिक ढांचे को पूरी तरह बदल देगा।
अपने संबोधन के दौरान पीयूष गोयल ने पूर्व की स्थिति और वर्तमान बदलावों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि शायद ही किसी ने यह उम्मीद की होगी कि पिछला वित्तीय वर्ष 7.7 प्रतिशत की विकास दर के साथ समाप्त होगा। यह कोई अचानक हुआ चमत्कार नहीं है, बल्कि एक दशक तक किए गए कड़े आर्थिक और ढांचागत सुधारों का प्रतिफल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार पूरी निष्ठा के साथ 140 करोड़ देशवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने, व्यापार को सुगम बनाने (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) और आम जनजीवन को आसान (ईज ऑफ लीविंग) करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे देश में आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है।
सरकारी प्रयासों के फायदों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ सालों में देश के 25 करोड़ से ज्यादा नागरिक अत्यधिक गरीबी के जाल से बाहर निकलने में कामयाब रहे हैं। प्रशासन को सरल बनाने के लिए समय के साथ अप्रासंगिक हो चुके कई पुराने कानूनों को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज देश में एक ऐसी संवेदनशील सरकार काम कर रही है जो न सिर्फ जनता की समस्याओं को सुनती है, बल्कि परिस्थितियों को देखते हुए समय पर उचित और त्वरित कदम भी उठाती है।
वैश्विक मोर्चे पर भारत की मजबूत स्थिति का हवाला देते हुए गोयल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तमाम विपरीत परिस्थितियों और संघर्षों के बाद भी पिछले साल भारत के निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अमेरिका की तरफ से लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के दबाव और यूक्रेन व पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे संकटों के बावजूद भारतीय निर्यात की रफ्तार नहीं थमी। इसके साथ ही, इन तमाम भू-राजनीतिक तनावों के बीच भी भारत ने पिछले वर्ष रिकॉर्ड स्तर पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल करने में सफलता पाई है।
वाणिज्य मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों पर बात करते हुए साझा किया कि सरकार ने महज छह महीने के भीतर पांच बड़े मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप दिया है। आज पूरी दुनिया भारत को एक सुरक्षित, भरोसेमंद और निवेश के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प के रूप में स्वीकार कर रही है। भारत में निवेशकों के बढ़ते भरोसे का कारण सिर्फ यहां का बड़ा उपभोक्ता बाजार ही नहीं है, बल्कि देश की युवा प्रतिभा और ऊर्जावान कार्यबल भी है। उन्होंने इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया।
अपने वक्तव्य के समापन पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के 12 साल का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर वे देश की जनता की सेवा करने, भारत को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करने और आर्थिक विकास की इस तेज रफ्तार को आगे भी बरकरार रखने के अपने संकल्प को एक बार फिर दोहराते हैं।