कटनी के 400 केवी सब स्टेशन पर एमपी ट्रांसको के इंजीनियरों ने किया कमाल, सर्किट ब्रेकर की सफल ओवरहॉलिंग से बचाए 50 लाख रुपये

कटनी के 400 केवी सब स्टेशन पर एमपी ट्रांसको के इंजीनियरों ने किया कमाल, सर्किट ब्रेकर की सफल ओवरहॉलिंग से बचाए 50 लाख रुपये

मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के अभियंताओं ने कटनी स्थित 400 केवी सब स्टेशन पर एक बड़ी तकनीकी सफलता हासिल की है। टीम ने बिरसिंहपुर नंबर-2 फीडर में लगे 400 केवी एबीबी निर्मित सर्किट ब्रेकर की इन-हाउस ओवरहॉलिंग को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस आंतरिक मरम्मत कार्य की बदौलत कंपनी को करीब 50 लाख रुपये की बड़ी वित्तीय बचत हुई है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आर.सी. शर्मा के दिशा-निर्देशन और पहल पर इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों के दल ने लगभग एक सप्ताह तक निरंतर परिश्रम कर इस जटिल कार्य को अंजाम दिया।

तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, यह सर्किट ब्रेकर बिरसिंहपुर थर्मल पावर प्लांट से जुड़ने वाले बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण 400 केवी फीडर पर काम कर रहा है। इस विशिष्ट रूट से प्रतिदिन लगभग 350 मेगावाट बिजली की सप्लाई की जाती है, जो मध्य प्रदेश की संपूर्ण विद्युत वितरण व्यवस्था के लिहाज से रीढ़ की हड्डी माना जाता है। ऐसे मुख्य फीडर के सर्किट ब्रेकर की ओवरहॉलिंग होने से न केवल इसकी कार्यक्षमता में सुधार आया है, बल्कि राज्य की ग्रिड सुरक्षा और निर्बाध बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता भी पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है।

यह पूरा अभियान इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि यह सर्किट ब्रेकर करीब दो दशक (20 वर्ष) पुराना और प्रथम पीढ़ी (फर्स्ट जनरेशन) का है। बाजार में इसके कलपुर्जे (स्पेयर पार्ट्स) आसानी से उपलब्ध नहीं थे, इसके बावजूद कटनी डिवीजन की तकनीकी टीम ने अपने अनुभव और कौशल का परिचय दिया। टीम ने इस पुराने ब्रेकर का बारीकी से निरीक्षण, टेस्टिंग और मरम्मत की तथा जरूरत के मुताबिक पार्ट्स को बदला। इस कठिन प्रक्रिया में ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस संभाग दमोह और कटनी के स्टाफ ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इस सफलता पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पूरी तकनीकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने इस प्रयास को कंपनी की तकनीकी आत्मनिर्भरता, संसाधनों के सही इस्तेमाल और लागत प्रबंधन का एक बेहतरीन नमूना बताया। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि एमपी ट्रांसको के अभियंता अपनी विशेषज्ञता के दम पर बड़े और जटिल उपकरणों के रखरखाव को खुद अंजाम दे रहे हैं, जो कि बेहद सराहनीय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *