इंदौर जिले के खजराना थाना क्षेत्र में 14 जून को खेलते समय अपने घर से रास्ता भटके एक 3 वर्षीय मासूम बच्चे को डायल-112 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित ढूंढ निकाला। पुलिस जवानों ने तत्परता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालक को उसके माता-पिता को सौंप दिया। समय पर मिली इस मदद के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और बच्चा सकुशल अपने घर पहुंच सका।
इस घटनाक्रम की शुरुआत 14 जून को हुई, जब भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) को एक आपातकालीन सूचना मिली। फोन करने वाले ने बताया कि खजराना थाना क्षेत्र के तहत आने वाली पटेल कॉलोनी से एक तीन साल का बच्चा अचानक लापता हो गया है और पीड़ित परिवार को तुरंत पुलिस सहायता की जरूरत है। नियंत्रण कक्ष ने बिना वक्त गंवाए मामले की गंभीरता को समझा और खजराना इलाके में गश्त कर रहे डायल-112 के वाहन को तुरंत घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया।
सूचना मिलते ही डायल-112 के कर्मचारी, जिनमें आरक्षक सुनील मालवीय, आरक्षक करण चौधरी और पायलट अंकित शुक्ला शामिल थे, मौके पर पहुंचे। टीम ने सबसे पहले घबराए हुए परिजनों को ढांढस बंधाया और बच्चे के बारे में जरूरी विवरण जुटाए। पुलिसकर्मियों ने परिजनों से बालक की हालिया तस्वीर ली, ताकि उसे ढूंढने में आसानी हो सके। इसके तुरंत बाद जवानों ने पटेल कॉलोनी और उसके आसपास के रिहायशी इलाकों में सघन तलाशी अभियान और पूछताछ शुरू कर दी।
सक्रियता से की गई इस खोजबीन के दौरान पुलिस टीम को स्थानीय लोगों से बच्चे के बारे में अहम सुराग मिले। सुराग के आधार पर जवानों ने बच्चे को अपनी सुरक्षात्मक देखरेख में ले लिया। इसके बाद टीम बच्चे को लेकर सीधे उसके घर पहुंची, जहां जरूरी पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मासूम को उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया। अपने जिगर के टुकड़े को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
डायल-112 की ‘हीरोज’ श्रृंखला के तहत सामने आई यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की यह आपातकालीन सेवा न केवल संकट के समय तुरंत प्रतिक्रिया देती है, बल्कि आम नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा के प्रति भी उतनी ही संवेदनशील है। पुलिस बल विपरीत परिस्थितियों में भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर समाज में सुरक्षा का भरोसा मजबूत कर रहा है।