असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को लोक सेवा भवन से वर्चुअल माध्यम के जरिए राज्य में घरेलू और औद्योगिक पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) आपूर्ति परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आयातित एलपीजी पर निर्भरता को कम करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा आत्मनिर्भरता के संकल्प को साकार करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कदम से एलपीजी की खपत में कमी आएगी, जिससे अंततः देश की विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
इस परियोजना के तहत राज्य के मंगलदई और तेजपुर क्षेत्रों में घरेलू तथा औद्योगिक पीएनजी आपूर्ति सेवाओं को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इन नए गैस नेटवर्कों के क्रियान्वयन से स्थानीय उद्योगों और आवासीय क्षेत्रों को सीधे पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी इस विकास कार्य की विस्तृत जानकारी साझा की।
पीएनजी नेटवर्क के अलावा, इस कार्यक्रम के दौरान उहानी और गोरैमारी में नई सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) सुविधाओं का भी शुभारंभ किया गया। सरकारी बयान के मुताबिक, इन नई परियोजनाओं से स्थानीय निवासियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन का विकल्प मिलेगा। इससे न केवल क्षेत्र में सतत आर्थिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी मौजूदा संकट की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति पर खासा दबाव देखा जा रहा है। ऐसी परिस्थितियों में असम सरकार लोगों को पारंपरिक एलपीजी के स्थान पर पीएनजी का उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रही है। उन्होंने राज्य के लिए इसे गर्व का विषय बताया कि असम की रिफाइनरियां लगातार अपनी एलपीजी उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने असम को प्राकृतिक गैस के एक बड़े और प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की राज्य सरकार की दीर्घकालिक योजना पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य के भीतर मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम और सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पीएनजी कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। अवसंरचना के मजबूत होने से ईंधन के आयात पर निर्भरता घटेगी, जिससे देश की आर्थिक स्थिति को भी संबल मिलेगा।
पर्यावरणीय लाभों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएनजी केंद्रों के विस्तार से असम के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया जाएगा और प्रदूषण पर लगाम लगेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में स्वच्छ और हरित ईंधन को बढ़ावा देना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं का हिस्सा है। उन्होंने भरोसा जताया कि पीएनजी और सीएनजी की ये नई बुनियादी सुविधाएं राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में अहम योगदान देंगी।