फ्रांस के एवियन शहर में जी7 शिखर सम्मेलन के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच एक अहम द्विपक्षीय मुलाकात हुई। इस बैठक में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने भारत-ब्रिटेन संबंधों के मौजूदा ढांचे की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग पर खुशी जताई। यह बैठक वैश्विक मंच पर दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को और मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुई है।
नेताओं ने पिछले वर्ष हुए उच्च स्तरीय दौरों के सकारात्मक परिणामों का आकलन किया और ‘विजन 2035’ के लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस विजन के तहत वाणिज्य, रक्षा, आंतरिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और जन-साधारण के आपसी संपर्कों से जुड़े अहम मुद्दों पर अब तक हुई प्रगति को सराहा गया। दोनों नेताओं ने इस बात की उम्मीद जताई कि मुक्त और व्यापक आर्थिक व व्यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप देकर लागू कर दिया जाएगा।
दोनों देशों के बीच मजबूत होते शैक्षिक संबंधों पर बातचीत करते हुए नेताओं ने भारत में ब्रिटिश विश्वविद्यालयों के आगमन का स्वागत किया। इस क्रम में बेंगलुरु में यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल के कैंपस की स्थापना और मुंबई में यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क व यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल की शाखाएं खोलने की दिशा में चल रही प्रगति को रेखांकित किया गया। यह पहल दोनों देशों के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर खोलेगी।
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत और यूके के बीच बढ़ते तालमेल की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल की शुरुआत में नई दिल्ली में हुए एआई प्रभाव सम्मेलन में ब्रिटेन की ओर से दिखाई गई सक्रियता के लिए आभार व्यक्त किया। इसके अलावा, तकनीकी सुरक्षा के क्षेत्र में हो रहे सहयोग पर भी संतोष व्यक्त किया गया, जिसमें ‘इंडिया-यूके क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी’ की शुरुआत को दोनों देशों की तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया।
द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ इस बैठक में वैश्विक भू-राजनीति पर भी गंभीर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात तथा यूक्रेन संघर्ष जैसे ज्वलंत अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहराई से मंथन किया। बातचीत के अंत में दोनों पक्षों ने भारत-यूके के बीच की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया।