भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के लिए बेहद उत्सुक हैं। फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के संदर्भ में आयोजित एक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि इस समझौते को पूरा करने के लिए दोनों देशों के बीच तेजी से प्रगति हो रही है और इसी सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर आगामी दिनों में भारत का दौरा करने वाले हैं।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी के अनुसार, अमेरिका के साथ अंतरिम मुक्त व्यापार द्विपक्षीय समझौते को आकार देने की दिशा में काफी काम किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह बातचीत अब अपने आखिरी मुकाम पर है और अगले सप्ताह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए भारत आ रहे हैं। मिसरी ने स्पष्ट किया कि एवियन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में यह मुद्दा बेहद अहम था। दोनों ही शीर्ष नेताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि इस व्यापार समझौते को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए।
यह महत्वपूर्ण व्यापारिक बातचीत बुधवार को जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई मुलाकात का एक प्रमुख हिस्सा थी। बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि दोनों देश व्यापारिक समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बेहद सार्थक बातचीत हुई है। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते के साथ-साथ कई अन्य मोर्चों पर भी मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे अमेरिका और भारत के बीच आपसी संबंध और मजबूत हो रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में भारतीय निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की भी खुलकर सराहना की। ट्रंप ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री के सहयोग से अमेरिका में विनिर्माण और निवेश को काफी बढ़ावा मिल रहा है, जिसके तहत वे अमेरिका में बड़ी पूंजी लगा रहे हैं। उन्होंने भारत के इस कदम का स्वागत किया। गौरतलब है कि इस हफ्ते की शुरुआत में केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी यह जानकारी साझा की थी कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर की भारत यात्रा का मुख्य एजेंडा अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के ढांचे (फ्रेमवर्क) को अंतिम रूप देना है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के मुताबिक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) 22 जून की शाम को भारत पहुंचेंगे। इसके बाद 23 और 24 जून को वह भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि इस बैठक का मुख्य फोकस फ्रेमवर्क समझौते को अंतिम रूप देने और उस वृहद द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर केंद्रित रहेगा, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही है। ग्रीर का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत, अमेरिकी ‘सेक्शन 301’ की कार्यवाही के तहत प्रस्तावित टैरिफ उपायों को लेकर वाशिंगटन के साथ गहन विमर्श कर रहा है।
वाणिज्य सचिव ने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित यह नया व्यापार समझौता द्विपक्षीय व्यापार से जुड़ी तमाम बड़ी चिंताओं को दूर करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते के दायरे में भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों के सभी महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। ऐसे में जब भी इस समझौते को अंतिम रूप देकर इस पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, तो उम्मीद है कि अमेरिकी ‘सेक्शन 301’ जांच से जुड़े मामलों का भी एक स्पष्ट और संतोषजनक समाधान निकल सकेगा।
इस शिखर वार्ता में व्यापार के अलावा दोनों नेताओं ने ‘इंडिया-यूएस कॉम्पैक्ट’ के तहत हुई प्रगति की भी समीक्षा की। फरवरी 2025 में वाशिंगटन डी.सी. में हुई बैठक के बाद से सैन्य साझेदारी, त्वरित व्यापार और तकनीकी विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसकी दोनों नेताओं ने सराहना की। नेताओं ने रक्षा, रणनीतिक तकनीक, ऊर्जा और द्विपक्षीय व्यापार के क्षेत्रों में हुए सुधारों का स्वागत किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा दोनों देशों की जनता के आपसी लाभ के लिए हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराया।