नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) की पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले देश के लाखों छात्रों को किसी तरह की यातायात संबंधी समस्या न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक संवेदनशील पहल की। कोलकाता में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य समारोह की अगुवाई करने के बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्हें हवाई अड्डे से सीधे अपने आधिकारिक निवास के लिए प्रस्थान करना था, लेकिन छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने कदम रोक लिए।
चूंकि नीट-यूजी की दोबारा आयोजित हो रही यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शुरू होनी थी, इसलिए प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट पर ही रुकने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि यदि उस समय उनका काफिला सड़क पर निकलता, तो परीक्षा केंद्रों की तरफ जा रहे परीक्षार्थियों को जाम का सामना करना पड़ सकता था। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और छात्रों को असुविधा से बचाने के लिए वे दोपहर 2 बजे परीक्षा शुरू होने के बाद ही अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। इस बीच, बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच देश-विदेश के केंद्रों पर 20 लाख से अधिक छात्र इस परीक्षा में बैठ रहे हैं।
इससे पहले, शनिवार की सुबह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा में शामिल हो रहे सभी अभ्यर्थियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे बिना किसी मानसिक तनाव या डर के परीक्षा कक्ष में जाएं। इसके साथ ही उन्होंने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि सीबीएसई कक्षा 12वीं के अंकों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों के परिणाम पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं, जिन्हें बहुत जल्द घोषित कर दिया जाएगा।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए शिक्षा मंत्री ने व्यवस्था पर भरोसा जताया और कहा कि आज आयोजित हो रही पुनर्परीक्षा को लेकर उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), राज्य सरकारों, स्थानीय जिला प्रशासनों और देश की शिक्षा प्रणाली पर पूरा विश्वास है। उन्होंने विशेष रूप से छात्रों की क्षमता की सराहना की।
शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि जल्द ही लगभग 22 लाख छात्र इस परीक्षा का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे बिना किसी चिंता के परीक्षा दें और बेहतर प्रदर्शन करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश की व्यवस्था पर छात्रों का जो भरोसा है, वह हमेशा बना रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी भी दी कि देश की युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएंगे।