फ्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने स्वीडन को 3-0 के बड़े अंतर से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) के लिए क्वालीफाई कर लिया है। मुकाबले के हीरो रहे कप्तान किलियन एमबाप्पे, जिन्होंने दो बार गेंद को जाल में फंसाया, जबकि युवा खिलाड़ी ब्रैडली बारकोला ने एक गोल का योगदान दिया। इस निर्णायक जीत के साथ फ्रांस ने प्रतियोगिता में अपने विजयी अभियान को जारी रखा है। साथ ही, फ्रांस ने विश्व कप के इतिहास में लगातार पांच मुकाबलों में हर बार न्यूनतम तीन गोल करने वाली पहली टीम बनने का गौरव भी हासिल कर लिया है।
इस मुकाबले में अपने दो गोलों की मदद से किलियन एमबाप्पे ने विश्व कप मैचों में अपने कुल गोलों की संख्या 18 कर ली है। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद वह विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले सर्वकालिक खिलाड़ियों की तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज हो गए हैं। एमबाप्पे ने इस मामले में जर्मनी के पूर्व स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़े का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और अब वह सिर्फ अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी से पीछे हैं, जिनके नाम 19 विश्व कप गोल दर्ज हैं।
खेल के पहले हाफ में फ्रांस के खिलाड़ियों ने स्वीडन के गोल पोस्ट पर कई हमले किए, लेकिन विपक्षी टीम के मजबूत रक्षात्मक चक्रव्यूह के कारण उन्हें शुरुआत में कामयाबी नहीं मिली। हालांकि, मैच के आगे बढ़ने पर एमबाप्पे ने शानदार ड्रिबलिंग और फुटवर्क का नजारा पेश करते हुए पेनल्टी एरिया के अंदर से एक सटीक शॉट जमाया और अपनी टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी।
मैच के दूसरे हाफ में फ्रांस की रणनीति और अधिक आक्रामक नजर आई। खेल के इस चरण में माइकल ओलीसे के एक बेहतरीन पास को लपकते हुए ब्रैडली बारकोला ने उसे गोल में बदल दिया और टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके तुरंत बाद, ओलीसे ने एक बार फिर शानदार सूझबूझ दिखाते हुए एमबाप्पे को गेंद पास की, जिस पर फ्रांसीसी कप्तान ने बिना कोई गलती किए मैच का तीसरा और अपना दूसरा गोल दाग दिया। विश्व कप के नॉकआउट दौर के मुकाबलों में यह एमबाप्पे का 10वां गोल था।
मुकाबले की समाप्ति पर मीडिया से बात करते हुए फ्रांस के मैनेजर डिडिएर डेसचैम्प्स ने टीम के प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि उन्हें अपने खिलाड़ियों पर नाज है। उन्होंने इस जीत को बेहद खास बताते हुए कहा कि राउंड ऑफ 32 के बाकी मैचों के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया था कि विश्व कप में कोई भी मुकाबला आसान नहीं माना जा सकता। डेसचैम्प्स के अनुसार, पहले हाफ में टीम कुछ और अवसरों का लाभ उठा सकती थी, लेकिन कुल मिलाकर खिलाड़ियों का खेल लाजवाब रहा और वे पूरी तरह जीत के हकदार थे।
आंकड़ों के लिहाज से फ्रांस ने इतिहास में सातवीं बार विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया है। इससे पहले फ्रांसीसी टीम 1986, 1998, 2006, 2014, 2018 और 2022 में इस चरण तक पहुंचने में सफल रही थी। लगातार चार बार राउंड ऑफ 16 में जगह बनाने के मामले में फ्रांस अब सिर्फ ब्राजील के रिकॉर्ड से पीछे है। लगातार तीसरी बार फाइनल का सफर तय करने के इरादे से आगे बढ़ रही फ्रांस की टीम अब 5 जुलाई को फिलाडेल्फिया के मैदान पर पराग्वे से भिड़ेगी।
मैनेजर डेसचैम्प्स ने आगामी चुनौती पर बात करते हुए कहा कि उनके पास अगले मैच की तैयारी के लिए केवल चार दिन का समय है और अब पूरा ध्यान उसी मुकाबले पर केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज की सफलता का आनंद लिया जाएगा, लेकिन टीम वर्तमान में ही रहेगी और भविष्य को लेकर ज्यादा जल्दबाजी नहीं करेगी। उन्होंने पराग्वे को दक्षिण अमेरिका की एक बेहद कठिन और लड़ाकू टीम करार दिया, जिसके पास बेहतरीन खिलाड़ी हैं। डेसचैम्प्स ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पराग्वे ने यहां तक का सफर अपनी योग्यता से तय किया है, इसलिए फ्रांस को अगले मैच में भी पूरी एकाग्रता और मजबूत संकल्प के साथ मैदान में उतरना होगा।