मध्य प्रदेश में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का समापन; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ में 252 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

मध्य प्रदेश में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का समापन; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ में 252 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की दी सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में आयोजित एक भव्य समारोह में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तीसरे चरण के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए 252 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत वाली 31 विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भैंसवा माता क्षेत्र के विशेष विकास हेतु 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का भी ऐलान किया। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक कन्या-पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ संपन्न हुई।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जीवन और प्रकृति के विकास में जल की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि जल तत्व में ही सृष्टि के सभी तत्व समाहित हैं और हमारे पूर्वजों ने हमेशा से जल स्रोतों के निर्माण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य भर में जल संरक्षण की मुहिम जन-भागीदारी से चलाई जा रही है। डॉ. यादव ने सचेत किया कि इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव के चलते सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रदेश में अमृत सरोवर, रैन वॉटर हार्वेस्टिंग और नदी संरक्षण जैसे कार्य मॉनसून के बाद भी निरंतर जारी रहेंगे।

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, गत 19 मार्च से शुरू हुए इस 100 दिवसीय अभियान के तहत मध्य प्रदेश में 10 हजार 514 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान से कुल 3 लाख 63 हजार जल संवर्धन कार्य पूरे किए गए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भारत सरकार द्वारा जल संरक्षण क्षेत्र में मध्य प्रदेश के छह सर्वश्रेष्ठ जिलों में राजगढ़ को शामिल किए जाने पर स्थानीय जनता और प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि विगत दो दशकों में राज्य में सिंचाई क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है और सरकार किसानों को गेहूं पर 2625 रुपये का समर्थन मूल्य देने के साथ-साथ लाडली बहना योजना जैसी सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं से जनता को सशक्त बना रही है। उज्जैन में आगामी सिंहस्थ मेले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि क्षिप्रा नदी के पावन जल को स्वच्छ रखने के लिए योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को सुगमता हो सके।

कार्यक्रम में उपस्थित पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कम वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए पानी की एक-एक बूंद को सहेजने पर जोर दिया और अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों की सराहना की। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने इसे जल संरक्षण का एक भगीरथी प्रयास बताते हुए प्राचीन कुओं, बावडियों और तालाबों के पुनरुद्धार के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं सांसद रोमल नागर ने बताया कि सारंगपुर में 251 करोड़ रुपये की लागत से भैंसवा माता धार्मिक क्षेत्र का कायाकल्प किया जा रहा है, जहाँ कौशल विकास, संस्कृत पाठशाला और गोशाला जैसे समाजोपयोगी निर्माण कार्य चल रहे हैं।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को 21 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि के वित्तीय चेक और लाभ वितरित किए। इनमें आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों को 20 करोड़ रुपये का बैंक ऋण तथा कामधेनु व सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजनाओं के तहत लाखों रुपये की सब्सिडी शामिल थी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया, दूधतलाई पर गंगा-पूजन किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बेलपत्र का पौधा रोपा।

सारंगपुर क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री की मुख्य घोषणाएं:

  • सारंगपुर शहर के पुराने और जर्जर शासकीय भवनों का रेडेंसिफिकेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जाएगा।
  • शासकीय नियंत्रण वाले अंबे माता मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
  • नवनिर्मित फोर-लेन मार्ग के समीप हाउसिंग बोर्ड द्वारा एक आधुनिक आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी।
  • पचोर और सारंगपुर क्षेत्र के ग्रामीण व शहरी इलाकों में नई सड़कों का जाल बिछाया जाएगा।
  • सारंगपुर-संडावता मार्ग पर स्थित उतावली नदी पर एक नए पुल (ब्रिज) का निर्माण होगा।
  • करौंदी से हीरापुरा तक 2 किलोमीटर लंबी सड़क सहित अन्य संपर्क मार्गों का निर्माण किया जाएगा।
  • भैंसवा माता लोक के भव्य निर्माण, विकास और सौंदर्गीकरण कार्य के लिए 20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाएंगे।

इस ऐतिहासिक समापन समारोह में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, विधायक गण मोहन शर्मा, अमर सिंह यादव, हजारीलाल दांगी, ज्ञानसिंह गुर्जर, भोपाल संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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