स्टॉक मार्केट न्यूज़

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मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अचानक बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई और शुरुआती सत्र में ही प्रमुख सूचकांक लाल निशान में आ गए। सुबह 9 बजकर 18 मिनट पर बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 649 अंक यानी 0.84 फीसदी फिसलकर 76,920 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 184 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,022 पर पहुंच गया। बाजार में चारों तरफ बिकवाली का माहौल देखा गया, जिससे मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी अछूते नहीं रहे। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 280 अंक (0.44 प्रतिशत) की गिरावट लेकर 62,756 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 66 अंक (0.37 प्रतिशत) की मंदी के साथ 19,349 पर आ गया।

क्षेत्रीय सूचकांकों की बात करें तो बाजार में सबसे ज्यादा चोट निफ्टी मेटल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी कंजप्शन सेक्टर को पहुंची, जहां सबसे तीव्र बिकवाली देखी गई। इसके अलावा ऑटो, इंडिया डिफेंस, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक, कमोडिटीज, इन्फ्रा, सर्विसेज, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस और एफएमसीजी क्षेत्र के सूचकांक भी गिरावट के दबाव में लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

बाजार की इस चौतरफा गिरावट के बीच केवल निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा सूचकांक ही ऐसे रहे, जिनमें बढ़त देखी गई और वे हरे निशान में टिके रहे। दिग्गज शेयरों की सूची (सेंसेक्स पैक) में टीसीएस, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड और एनटीपीसी के शेयरों में खरीदारी का रुख रहा, जिससे ये बढ़त बनाने में सफल रहे। इसके विपरीत टाटा स्टील, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, टाइटन, एमएंडएम, भारती एयरटेल, एसबीआई, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस और आईटीसी के शेयरों में बिकवाली हावी रही और ये घाटे के साथ लाल निशान में आ गए।

वैश्विक मोर्चे पर, मिडिल ईस्ट के अशांत घटनाक्रमों के चलते एशिया के अधिकांश प्रमुख शेयर बाजारों में भी आज मंदी का माहौल रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के बाजारों में गिरावट का रुख देखा गया, जबकि जकार्ता का बाजार विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हरे निशान में कारोबार करने में सफल रहा। इससे पहले, बीते शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी दर्ज की गई थी, जहां डाओ जोन्स और तकनीकी आधारित नैस्डैक इंडेक्स दोनों ही 0.29 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए थे।

इस वैश्विक उथल-पुथल की मुख्य वजह कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर की गई हालिया सैन्य कार्रवाई है, जिसने क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। इन हमलों के बाद ईरान का रुख भी बेहद आक्रामक हो गया है और वह कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को अपना निशाना बना रहा है। इस युद्ध जैसी स्थिति का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 4 फीसदी से ज्यादा उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74 डॉलर प्रति बैरल के समीप पहुंच गया है।

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