होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों पर ईरानी सेना द्वारा की गई गोलीबारी के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का एक नया दौर शुरू किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा शाम 5 बजे (ईटी) शुरू किए गए इन ताजा हमलों के कारण दोनों देशों के बीच पहले से ही बेहद कमजोर चल रहा युद्धविराम और अधिक संकट में पड़ गया है। अमेरिकी सैन्य कमान ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजरने वाले आम नाविकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उन पर हमला करने की ईरानी क्षमता को पंगु बनाना है।
अमेरिकी कमांड सेंटर की ओर से जारी बयान के अनुसार, कमांडर-इन-चीफ के सीधे निर्देश पर ईरानी सुरक्षा बलों को उनके आक्रामक रवैये के लिए जिम्मेदार ठहराने के मकसद से यह कार्रवाई की गई है।
अमेरिकी कमांड सेंटर के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के मुताबिक, जिस समय अमेरिकी सेना कार्रवाई कर रही थी, लगभग उसी वक्त ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने समुद्री मार्ग से गुजर रहे नागरिक जहाजों पर गोलाबारी की थी। मीडिया रिपोर्टों (सीएनएन और द न्यूयॉर्क टाइम्स) के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक आत्मघाती ड्रोन (वन-वे अटैक ड्रोन) को हवा में ही मार गिराया। कैप्टन हॉकिन्स ने मीडिया से बात करते हुए साफ तौर पर कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए वे ईरान को पूरी तरह जवाबदेह मान रहे हैं।
दूसरी तरफ, ईरान के सरकारी मीडिया ने भी इस बात की पुष्टि की है कि दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के अंतर्गत आने वाले जस्क, केशम, बंदर अब्बास और सिरिक क्षेत्रों में भारी विस्फोट हुए हैं। हालांकि, सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, प्राथमिक स्तर पर किसी आम नागरिक के हताहत होने या रिहायशी और व्यावसायिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं मिली है। इससे पहले, रविवार को भी अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी मिसाइल प्रणालियों, हवाई रक्षा प्रणालियों और आईआरजीसी की छोटी सैन्य नौकाओं पर सिलसिलेवार हमले किए थे। फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सुरक्षा बलों ने रात भर में ईरान के लगभग 140 सैन्य लक्ष्यों को भेदा, जिससे पिछले तीन दिनों में कुल निशाना बनाए गए ठिकानों की संख्या 300 के पार पहुंच गई है।
बीते वीकेंड पर ईरान ने भी अमेरिका से जुड़े ठिकानों और अपने पड़ोसी देशों पर हमले तेज कर दिए थे। कुवैत सरकार के अनुसार, ईरान की इस कार्रवाई से उसकी तीन उत्तरी सीमा चौकियों को गंभीर क्षति पहुंची है। इसके अलावा, एक ड्रोन ने कुवैत ऑयल कंपनी के अपतटीय (ऑफशोर) ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को भी निशाना बनाया, जिसमें एक कर्मचारी घायल हो गया। इस हमले के बाद ईरान ने दावा किया था कि उसने कुवैत में अमेरिकी ‘हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम’ (HIMARS) लॉन्चर को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है और इसमें अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इस पूरे क्षेत्र में किसी भी अमेरिकी सैन्य कर्मी के मारे जाने या घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने क्षेत्र में फिर से भड़के इस त्रिकोणीय सैन्य संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिसमें जहाजों पर ईरानी हमले, ईरान पर अमेरिका की जवाबी कार्रवाई और पड़ोसी मुल्कों पर हो रही बमबारी शामिल है। महासचिव गुटेरेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इन सभी हिंसक हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने सचेत किया कि यदि यह शत्रुता बड़े पैमाने पर आगे बढ़ती है, तो इसके बेहद घातक परिणाम पूरे क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने संकट को टालने के लिए वाशिंगटन और तेहरान दोनों से बिना किसी देरी के कूटनीतिक बातचीत शुरू करने का पुरजोर आग्रह किया है।