राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और मोल्दोवा की राष्ट्रपति माया सैंडू ने सोमवार को चिशिनाउ में आयोजित भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को संयुक्त रूप से संबोधित किया। इस दौरान दोनों राष्ट्रों के मध्य व्यापारिक, रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारतीय बाजार में मोल्दोवियन कंपनियों के लिए व्यापार और पूंजी निवेश के बेहतरीन अवसर मौजूद हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत विदेशी निवेशकों को एक पारदर्शी, सुरक्षित और अनुकूल व्यापारिक वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 1992 में कूटनीतिक संबंध स्थापित होने के बाद से ही दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण रिश्ते रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों, पारस्परिक सम्मान, वैश्विक शांति और आर्थिक प्रगति के प्रति साझा निष्ठा पर आधारित है।
भारत के दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि देश वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भारत वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद और साझा समृद्धि पर टिके सहयोग की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की तीव्र विकास दर का मुख्य आधार यहां का सशक्त विनिर्माण क्षेत्र, डिजिटल परिवर्तन, नवाचार और कुशल युवा आबादी है। दूसरी ओर, मोल्दोवा की रणनीतिक स्थिति, वहां के आर्थिक सुधार और यूरोपीय बाजारों से उसकी निकटता भारतीय उद्योगों के लिए भी नए मार्ग खोलती है।
राष्ट्रपति ने अपने भाषण में प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए बताया कि आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, साइबर सुरक्षा, बुनियादी ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारतीय व्यापारिक समूह मोल्दोवा में सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, स्मार्ट ग्रिड और बैटरी स्टोरेज जैसे क्लीन-टेक प्रोजेक्ट्स में विशेष रुचि दिखा रहे हैं।
संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों को एक-दूसरे के देशों में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बिजनेस फोरम से मिलने वाले सुझाव और संवाद नई साझेदारियों तथा तकनीकी नवाचारों के द्वार खोलेंगे। इस आयोजन में भारत और मोल्दोवा के आईटी, फार्मा, हेल्थकेयर, एग्री-प्रोसेसिंग, एजुकेशन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के कई प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।