एक्वाकल्चर और तंबाकू किसानों के विकास के लिए केंद्र की पहल, आंध्र प्रदेश के प्रतिनिधियों संग केंद्रीय मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक

एक्वाकल्चर और तंबाकू किसानों के विकास के लिए केंद्र की पहल, आंध्र प्रदेश के प्रतिनिधियों संग केंद्रीय मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक

केंद्र सरकार ने जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) के विकास, किसानों की आर्थिक उन्नति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए अपने संकल्प को दोहराया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, सरकार किसानों को बेहतर मूल्य और नए निर्यात बाजार प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

हाल ही में नई दिल्ली में आंध्र प्रदेश के जलीय कृषि एवं तंबाकू उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर इस बैठक का ब्यौरा साझा करते हुए बताया कि तटीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और इस क्षेत्र की विकास संभावनाओं को साकार करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

चर्चा के दौरान इस तथ्य को रेखांकित किया गया कि आंध्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था और देश के कुल समुद्री खाद्य (सीफूड) निर्यात में एक्वाकल्चर क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु, राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा, भाजपा नेता डी. पुरंदेश्वरी, टीडीपी सांसद लावू श्रीकृष्ण देवरायलू तथा राज्य सरकार के कई मंत्री शामिल हुए।

गौरतलब है कि यह बैठक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा केंद्र से की गई सिफारिशों के बाद बुलाई गई है। मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर राज्य के किसानों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र से नीतिगत सहयोग मांगा था।

मुख्यमंत्री नायडू की मुख्य मांगों में झींगा चारे के लिए जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) सोयाबीन मील के आयात की स्वीकृति देना शामिल है, जिससे लागत कम हो सके और चारे की कमी दूर की जा सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फिश मील के निर्यात का नियमन करने, तंबाकू निर्यात को बढ़ावा देने, एक्वाकल्चर उत्पादों पर GST कम करने तथा अमरावती में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने का आग्रह किया है।

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