केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में घोषणा की कि केंद्र सरकार NEET UG पेपर लीक मामले पर चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। निचले सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पिछले तीन दिनों से इस विषय पर औपचारिक रूप से बातचीत का प्रस्ताव दे रही है। रिजिजू ने बताया कि यह चर्चा निर्धारित नियमों के तहत होगी और इसकी समय-सीमा तथा प्रक्रिया तय करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सदन को आश्वस्त किया कि सरकार इस मुद्दे पर बहस के लिए सहमत है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों को चर्चा के एजेंडे को अंतिम रूप देने के लिए आमंत्रित किया। सरकार के इस रुख के जवाब में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि NEET पेपर लीक का मामला किसी भी राजनीतिक दल के व्यक्तिगत हितों से कहीं अधिक गंभीर है।
अखिलेश यादव ने जोर देते हुए कहा कि विपक्षी दल छात्रों के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं और यदि समाधान नहीं निकला तो छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल किसी मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वयं सदन में बयान देना चाहिए।
विपक्षी सांसदों के लगातार जारी हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पूर्व, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने जानकारी दी कि विपक्षी दलों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि वे स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से कथित NEET और CBSE परीक्षा पेपर लीक पर बहस की मांग जारी रखेंगे। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए केसी वेणुगोपाल ने बताया कि विपक्षी दलों की बैठक में इस मुद्दे पर रणनीति बनाई गई। उन्होंने कहा कि बीते तीन दिनों से लगातार विपक्षी सांसद NEET और CBSE पेपर लीक पर स्थगन प्रस्ताव पेश कर रहे हैं, ताकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक ठोस कार्य योजना पर चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि यदि सरकार स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करती है तो विपक्ष बहस के लिए तैयार है।
इस दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार के विरोध में संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस अवसर पर प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परीक्षा देने वाले छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और वे केवल अपने अधिकारों की बात कर रहे हैं।