ब्रिक्स एनयू की बैठक में पारंपरिक ज्ञान प्रणाली को नए विषय के रूप में जोड़ने पर सहमति, भारत ने की सफल मेजबानी

ब्रिक्स एनयू की बैठक में पारंपरिक ज्ञान प्रणाली को नए विषय के रूप में जोड़ने पर सहमति, भारत ने की सफल मेजबानी

वर्ष 2026 के लिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय (ब्रिक्स एनयू) के अंतर्राष्ट्रीय शासी बोर्ड (आईजीबी) की बैठक और सम्मेलन का सफल संचालन किया। दो दिनों तक चले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सदस्य राष्ट्रों के बीच उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार के स्तर पर साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में सहमति बनी। इस बैठक की प्रमुख उपलब्धि पारंपरिक एवं स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को विश्वविद्यालय नेटवर्क में एक नए अंतर्राष्ट्रीय विषयगत समूह के रूप में शामिल करने के भारत के प्रस्ताव को मिला व्यापक समर्थन रहा।

अंतर्राष्ट्रीय शासी बोर्ड के इस सत्र का औपचारिक आरंभ शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. के.एम. प्रफुल्लचंद्र शर्मा के संबोधन से हुआ। इसके बाद आईआईटी बॉम्बे के डीन (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) प्रो. सुदर्शन कुमार ने ब्रिक्स एनयू की चल रही परियोजनाओं और नई पहलों पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की। सत्र के दौरान सदस्य राष्ट्रों ने अपने सहभागी विश्वविद्यालयों के योगदान और पिछले एक साल में संचालित की गई शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा साझा की।

मुख्य बैठक से पहले आयोजित विशेष सम्मेलन में स्वदेशी और पारंपरिक ज्ञान पद्धतियों के संरक्षण, उनके प्रलेखन, डिजिटल उपलब्धता और जिम्मेदार उपयोग से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने उभरती तकनीकों, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के नैतिक उपयोग, सामुदायिक स्वामित्व के अधिकारों और समान लाभ-साझाकरण के सिद्धांतों को रेखांकित किया।

शासी बोर्ड के समक्ष पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को ब्रिक्स एनयू के अंतर्राष्ट्रीय विषयगत समूह (आईटीजी) का दर्जा देने का प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित प्रतिनिधिमंडलों ने इस विचार की सराहना की और इससे जुड़े ड्राफ्ट एवं अवधारणा पत्र पर आगे भी विचार-विमर्श जारी रखने की सहमति दी।

सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय की 2025-2028 की रणनीतिक कार्ययोजना की समीक्षा की गई। इसके अलावा नेटवर्क की नई वेबसाइट विकसित करने, शैक्षणिक संस्थानों में समन्वय बढ़ाने, फैकल्टी व छात्रों के आदान-प्रदान तथा संयुक्त शोध को गति देने पर सहमति बनी। लंबी चर्चा के बाद बोर्ड ने आधिकारिक रूप से घोषणापत्र जारी किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी भागीदार देशों ने उच्च शिक्षा, नवाचार और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स एनयू मंच को और सशक्त करने की प्रतिबद्धता जताई। भारत ने सभी उपस्थित प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के मुख्य विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” के तहत शैक्षणिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

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