जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में चमके वैभव सूर्यवंशी, ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बनने के बाद कोचों के मार्गदर्शन को सराहा

जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में चमके वैभव सूर्यवंशी, ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बनने के बाद कोचों के मार्गदर्शन को सराहा

भारतीय क्रिकेट टीम के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे दौरे पर खेली गई टी20 सीरीज में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार से नवाजा गया है। तीन मैचों की इस श्रृंखला में उन्होंने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए 50.33 की औसत से कुल 151 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक भी शामिल हैं। वे इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। अपनी इस सफलता का श्रेय सूर्यवंशी ने अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण और बल्लेबाजी कोच हृषिकेश कानितकर को दिया है। उनका कहना है कि दोनों कोचों ने उन्हें मैदान पर खुलकर खेलने की स्वतंत्रता दी और उनका सही मार्गदर्शन किया।

हरारे स्पोर्ट्स क्लब में रविवार को खेले गए मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने धीमी पिच पर अपनी बल्लेबाजी की छाप छोड़ी। उन्होंने 49 गेंदों का सामना करते हुए 8 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 81 रनों की दमदार पारी खेली। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इससे पहले सीरीज के शुरुआती मैच में भी उन्होंने महज 19 गेंदों में 50 रन ठोके थे। यह प्रदर्शन इंग्लैंड के पिछले दौरे से बिल्कुल अलग रहा, जहां वे तीन पारियों में केवल 42 रन ही बना सके थे।

अपनी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए वैभव ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करना और इन बड़े व्यक्तिगत पुरस्कारों को हासिल करना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने अपने सफर में सहयोग देने वाले सभी लोगों, साथी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के प्रति आभार जताया।

मैच से पहले की तैयारियों का जिक्र करते हुए इस युवा बल्लेबाज ने बताया कि मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण और हृषिकेश कानितकर ने उनके साथ मानसिक स्थिति और सोच को लेकर गहन बातचीत की थी। कोचों ने उन्हें सलाह दी थी कि वे किसी भी प्रकार का तनाव लिए बिना अपनी स्वाभाविक शैली में खेलें। इसी स्वतंत्रता ने उनके खेल को निखारने में बड़ी भूमिका निभाई।

टीम के माहौल और अपने साथियों के साथ सामंजस्य पर बात करते हुए सूर्यवंशी ने विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों के बिहार से होने के कारण उनके बीच काफी अच्छी समझ और जुड़ाव है। इस वजह से उन्हें सीनियर टीम में आने के बाद भी बिल्कुल अजनबीपन महसूस नहीं हुआ और वे पूरी सहजता के साथ टीम के साथ घुल-मिल गए।

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