भारतीय वायुसेना ने पूर्वोत्तर भारत के असम और नागालैंड राज्यों में आई भीषण बाढ़ के बीच अपना व्यापक मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान तेज कर दिया है। प्रतिकूल मौसम और जटिल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद वायुसेना के जांबाज बचाव दल लगातार राहत कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बीते 10 दिनों में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा जलप्रलय में फंसे कुल 458 नागरिकों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
वायुसेना न केवल आपदा में फंसे लोगों को निकालने का कार्य कर रही है, बल्कि प्रभावित आबादी तक जीवनरक्षक सामग्री की आपूर्ति भी सुनिश्चित कर रही है। अब तक विभिन्न हेलीकॉप्टरों के जरिए बाढ़ ग्रस्त इलाकों में 9 टन से अधिक राशन, दवाइयां और अन्य अनिवार्य राहत सामग्री गिराई जा चुकी है। यह सहायता विशेष रूप से उन अत्यंत दुर्गम और जलमग्न क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही है, जहां मार्ग अवरुद्ध होने के कारण सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है।
राहत और बचाव के इस बड़े अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए भारतीय वायुसेना, थल सेना और स्थानीय नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर एक एकीकृत तंत्र के तहत काम कर रही है। सभी प्रशासनिक और सैन्य संस्थाएं परस्पर समन्वय स्थापित कर त्वरित गति से प्रभावितों तक सहायता पहुंचा रही हैं। वायुसेना अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती और आवश्यकता बनी रहती है, तब तक यह बचाव अभियान पूरी क्षमता के साथ संचालित होता रहेगा।
देश में मानसून के इस मौसम में कई राज्यों को गंभीर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है, जिसके कारण जनधन की भारी क्षति हुई है। आपदा में असमय कालकवलित हुए नागरिकों के प्रति हाल ही में संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा में शोक व्यक्त किया गया। सदस्यों द्वारा मृतकों की स्मृति में मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई तथा देशभर के आपदा पीड़ितों के साथ गहरी संवेदना और एकजुटता प्रकट की गई।