वाशिंगटन/दुबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिलहाल नए सैन्य हमलों की कार्रवाई को स्थगित करने का फैसला किया है। हालिया घटनाक्रम के तहत उन्होंने ईरान के साथ जल्द ही एक संभावित समझौते की उम्मीद जताते हुए यह कदम उठाया है, जबकि दोनों देशों के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल की कीमतों पर विपरीत असर पड़ रहा है।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के लिए ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया है कि कूटनीतिक रास्ते से किसी समझौते तक पहुंचने की संभावनाओं को देखते हुए फिलहाल नए सैन्य हमलों से बचना ही बेहतर विकल्प होगा। वर्तमान परिस्थितियों में युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी ठोस समाधान की तलाश अमेरिका के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
बीते अप्रैल महीने में हुआ युद्धविराम जब पिछले माह कमजोर पड़ा, तो अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में तेज उथल-पुथल देखने को मिली। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमतों में 24 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायटर्स के एक सर्वेक्षण में शामिल बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल कच्चे तेल के दामों में और भी उछाल आ सकता है।
ईंधन की बढ़ती दरों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाना इतना अहम लक्ष्य है कि इसके लिए अल्पकालिक अवधि में महंगी ईंधन दरों का सामना किया जा सकता है। इसके विपरीत, महंगे ईंधन के कारण जनता को होने वाली आर्थिक परेशानियों ने अमेरिकी प्रशासन पर युद्ध को जल्द खत्म करने का रास्ता खोजने का राजनीतिक दबाव भी बढ़ा दिया है।
वैश्विक ऊर्जा उद्योग की चिंताओं को यमन के हूती विद्रोहियों की धमकियों ने और गंभीर बना दिया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हाल ही में बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। लाल सागर के दूसरे छोर पर स्थित यह जलडमरूमध्य सऊदी अरब से होने वाले कच्चे तेल के निर्यात के लिए एक मुख्य और रणनीतिक समुद्री मार्ग है।
इस बीच, सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बीच यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने शनिवार को ओमान के समुद्री तट के पास दो घटनाओं की पुष्टि की। पहली घटना में एक अज्ञात प्रक्षेप्य एक टैंकर से टकराया, जिससे उसके इंजन रूम को नुकसान पहुंचा। वहीं, दूसरी घटना में एक अन्य टैंकर के कैप्टन ने जहाज के पास जोरदार धमाका और पानी का बड़ा उछाल देखने की बात कही, हालांकि इस दूसरे जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इन घटनाओं से क्षेत्र में समुद्री परिवहन और ईंधन आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चुनौतियां बढ़ गई हैं।