वैश्विक तेजी और घरेलू मांग से सराफा बाजार गुलजार, सोने और चांदी के दामों में बड़ा उछाल

वैश्विक तेजी और घरेलू मांग से सराफा बाजार गुलजार, सोने और चांदी के दामों में बड़ा उछाल

वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और आगामी त्योहारों के मद्देनजर बढ़ी लिवाली के बल पर सोमवार को वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर हफ्ते के शुरुआती दिन दोनों कीमती धातुओं में जोरदार खरीदारी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और आभूषण निर्माताओं के बीच नया उत्साह देखने को मिला।

कारोबार के दौरान सोमवार को अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोना 0.69 फीसदी की बढ़त लेकर 1,050 रुपये चढ़कर 1,52,870 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ था। इस दौरान इसने 1,52,946 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर को छुआ, जबकि इसका निचला दायरा 1,51,461 रुपये दर्ज किया गया।

हालिया सप्ताह के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो सोने की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज हुई है। एमसीएक्स पर 31 जुलाई को 24 कैरेट सोना 1,43,376 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो बीते शुक्रवार तक बढ़कर 1,51,985 रुपये हो गया। यानी केवल पांच कारोबारी सत्रों में इसमें 8,609 रुपये का उछाल आया। सोमवार की ताजा कीमतों को शामिल करने पर 31 जुलाई के मुकाबले अब तक सोने में कुल 8,644 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हो चुकी है।

समान अवधि में चांदी ने सोने से भी अधिक तेज रफ्तार दिखाई। सोमवार को सितंबर 2026 अनुबंध वाली चांदी 1.50 प्रतिशत या 3,473 रुपये की छलांग लगाकर 2,34,939 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर पहुंच गई। इस दिन इसका उच्च स्तर 2,35,221 रुपये तथा निचला स्तर 2,31,660 रुपये रहा। चांदी का तेजी का यह सिलसिला पिछले एक हफ्ते से लगातार जारी है; 31 जुलाई को 2,18,295 रुपये प्रति किग्रा के स्तर पर रहने के बाद यह बीते शुक्रवार को 2,31,381 रुपये पर बंद हुई थी, जो पांच सत्रों में 13,086 रुपये की वृद्धि दर्शाती है। सोमवार के नवीनतम भाव के मुताबिक 31 जुलाई से अब तक चांदी में कुल 15,435 रुपये प्रति किग्रा की बढ़त दर्ज हुई है।

कीमती धातुओं में इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक माहौल और स्थानीय बाजार की त्यौहारी मांग को मुख्य वजह माना जा रहा है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो आने वाले समय में भी बुलियन बाजार में यह तेजी जारी रह सकती है। वर्तमान में बाजार भागीदार अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक संकेतों पर बारीक नजर बनाए हुए हैं, जिससे धातुओं की भावी चाल निर्धारित होगी।

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