संसद पुस्तकालय में मंगलवार को आयोजित ‘मंगल मिलन’ समारोह के दौरान एनडीए के सभी घटक दलों के सांसदों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में बैठक का शुभारंभ देशभक्ति के नारों और तिरंगे के प्रदर्शन के साथ हुआ। कार्यक्रम के पश्चात, मानसून सत्र में विपक्ष की ओर से हो रहे हंगामे के जवाब में एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में मार्च निकाला। विपक्ष द्वारा जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई और गृह मंत्री के वक्तव्य को लेकर सदन रोक दिया गया था। इसके उत्तर में एनडीए सांसदों ने हाथ में प्लेकार्ड लेकर यह संदेश दिया कि सरकार चर्चा के लिए पूरी तरह तत्पर है, परंतु विपक्षी दल बहस से भाग रहा है। मार्च में झारखंड के छात्र प्रदर्शनकारियों के समर्थन में भी पोस्टर शामिल थे।
विपक्ष के रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को अब चर्चा से भागने के बजाय सदन में आकर जवाब सुनना चाहिए। रिजिजू के अनुसार, राहुल गांधी निरंतर गृह मंत्री के वक्तव्य की मांग कर रहे थे। अब जबकि गृह मंत्री हर बिंदु का बिंदुवार विवरण देने को तैयार हैं, तो विपक्ष के नेता को लोकसभा में उपस्थित होकर अपनी बात रखनी चाहिए। सरकार का स्पष्ट मानना है कि संपूर्ण विषय पर खुली चर्चा कराई जाए और तत्पश्चात गृह मंत्री अमित शाह अधिकृत उत्तर दें, जिससे सदन का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह हुई ऐसी ही एक बैठक में सरकार की 10 वर्षों की नीतियों और उपलब्धियों का ब्यौरा साझा किया गया था। पूर्व मुख्य मंत्री और सांसद दिनेश शर्मा ने बताया था कि कल्याणकारी नीतियों के कारण 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकले हैं तथा देश में बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई है। सांसद मनोज तिवारी ने स्पष्ट किया कि एनडीए सांसदों ने सदन में उपस्थित रहकर आवश्यक विधेयकों को पारित कराने का निर्णय लिया है, ताकि विपक्ष के हंगामे के बावजूद विधायी प्रक्रिया बाधित न हो।
बैठक में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती साख और खेल जगत की सफलताओं पर भी विचार-विमर्श हुआ था। राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल ने यूपीए शासनकाल और वर्तमान कार्यकाल की तुलना करते हुए ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं में भारतीय एथलीटों के शानदार प्रदर्शन का उल्लेख किया। वहीं, सांसद रवि किशन ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर और आर्थिक मोर्चे पर हासिल की गई प्राथमिकताओं पर बल देते हुए विपक्ष के लगातार जारी विरोध प्रदर्शन की मंशा पर सवाल उठाए।