भारत-केन्या के ऐतिहासिक संबंध और मजबूत होंगे: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला; केन्या ने किया UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन

भारत-केन्या के ऐतिहासिक संबंध और मजबूत होंगे: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला; केन्या ने किया UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में केन्या की नेशनल असेंबली के स्पीकर मूसा एम. वेटांग’उला के नेतृत्व में आए संसदीय दल के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान श्री बिरला ने रेखांकित किया कि भारत और केन्या के मध्य ऐतिहासिक व बहुआयामी रिश्ते रहे हैं, जिन्हें दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे उच्चस्तरीय संपर्कों ने और अधिक सुदृढ़ किया है। वहीं, इस अहम बैठक में केन्या ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का पुरजोर समर्थन किया।

बैठक के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने वर्ष की शुरुआत में नई दिल्ली में संपन्न हुए 28वें सीएसपीओसी (CSPOC) सम्मेलन का उल्लेख करते हुए श्री वेटांग’उला के साथ हुई अपनी मुलाकात को याद किया। उन्होंने कानून, संसदीय प्रक्रिया और प्रशासनिक क्षेत्र में केन्याई स्पीकर के लंबे अनुभव की सराहना की तथा केन्या में सुशासन को बढ़ावा देने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

द्विपक्षीय संबंधों के मानवीय पहलू की चर्चा करते हुए श्री बिरला ने केन्या द्वारा वहां रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों को स्वदेशी समुदाय का दर्जा देने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्य, समावेशी विकास और मानव-केंद्रित प्रगति दोनों राष्ट्रों की मुख्य प्राथमिकताएं हैं। इसके साथ ही, उन्होंने केन्या के स्वाधीनता आंदोलन पर महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के दर्शन के प्रभाव का जिक्र किया और केन्या की संसद में बापू की प्रतिमा लगाने की स्वीकृति देने हेतु श्री वेटांग’उला का धन्यवाद किया।

भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती पर प्रकाश डालते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि देश में करीब 97 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 65 करोड़ लोगों ने पिछले चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो लोकतंत्र के प्रति गहरी जन-आस्था को दर्शाता है। उन्होंने संसदीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए ‘प्राइड’ (PRIDE) के माध्यम से केन्याई सांसदों और अधिकारियों के प्रशिक्षण का जिक्र किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारतीय संसद में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए अपनाई गई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक के अनुभवों को भारत, केन्या के साथ साझा करने को पूरी तरह तैयार है।

केन्या की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष मूसा एम. वेटांग’उला ने गर्मजोशी से किए गए स्वागत पर आभार व्यक्त करते हुए नई दिल्ली में आयोजित 28वें सीएसपीओसी के सफल आयोजन की प्रशंसा की। उन्होंने केन्या की प्रगति, संसद और प्रशासनिक व्यवस्था में भारतीय समुदाय की सक्रिय भूमिका को सराहा। श्री वेटांग’उला ने स्पष्ट रूप से कहा कि समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा परिषद में लोकतांत्रिक सुधार जरूरी हैं और इसी आधार पर केन्या, यूएनएससी में भारत को स्थायी सदस्य बनाए जाने का पूर्ण समर्थन करता है।

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