भारतीय डाक विभाग ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन करते हुए पहली बार ड्रोन के माध्यम से तिरंगे की डिलीवरी की। नई दिल्ली से इस कार्यक्रम से जुड़े केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पहल को रेखांकित करते हुए कहा कि डाक विभाग नई तकनीकों के माध्यम से आम जनता तक अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहा है।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से रेहड़धार ब्रांच पोस्ट ऑफिस तक ड्रोन से तिरंगा भेजा गया। इसे भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कोर से सेवानिवृत्त मानद सूबेदार मेजर करतार सिंह ने हासिल किया। केंद्रीय मंत्री ने करतार सिंह से बातचीत कर इस प्रक्रिया का विवरण लिया और कहा कि सेना के सेवानिवृत्त जवान तक तकनीक के जरिए ध्वज पहुंचाना राष्ट्र की ओर से दिया गया सच्चा आदर है।
ड्रोन नेटवर्क के ढांचे पर प्रकाश डालते हुए सिंधिया ने बताया कि इस सेवा के लिए देशभर में 150 रूट्स तय किए गए हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश के 110 और असम के 40 रूट्स शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश में जून 2026 से ड्रोन द्वारा डिलीवरी की शुरुआत हो चुकी है और असम में भी इसका सफल संचालन किया गया है। यह व्यवस्था पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में डाक वितरण को अधिक सुगम बनाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने जोर दिया कि डाक विभाग का लक्ष्य देश के अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक त्वरित और प्रभावी सेवाएं पहुंचाना है। विशाल डाक तंत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़कर दुर्गम इलाकों में सेवा आपूर्ति को मजबूत किया जा रहा है, जिससे पारंपरिक वितरण में आने वाली रुकावटों को दूर किया जा सके।
अंत में, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्वतंत्रता दिवस और ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने देशवासियों से प्रधानमंत्री द्वारा प्रेरित ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति निष्ठा व राष्ट्र सेवा का संकल्प लेने का अनुरोध किया।