वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के दबाव में लुढ़का शेयर बाजार, सेंसेक्स 365 अंक नीचे

वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के दबाव में लुढ़का शेयर बाजार, सेंसेक्स 365 अंक नीचे

ईरान और अमेरिका के बीच गहराते विवाद तथा समझौते की उम्मीदें कमजोर पड़ने के कारण मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम 91 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए, जिससे भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का माहौल बना रहा।

सुबह के सत्र में प्रमुख सूचकांकों में गिरावट हावी रही। सेंसेक्स 365 अंक यानी 0.47 प्रतिशत गिरकर 77,362 अंक पर आ गया। इसी तरह निफ्टी में भी 76 अंकों यानी 0.31 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 24,211 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, ईरान के सख्त रुख और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संघर्षविराम बढ़ाने से मना किए जाने के बाद क्रूड सप्लाई को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इसके प्रभाव से ब्रेंट क्रूड 0.60 प्रतिशत चढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक की उछाल के साथ 85.37 डॉलर प्रति बैरल पर दर्ज हुआ।

घरेलू मोर्चे पर सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जिसमें 1 प्रतिशत से अधिक का नुकसान दर्ज हुआ। मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम 0.62 प्रतिशत और रियल्टी इंडेक्स 0.40 प्रतिशत नीचे रहे। इसके साथ ही मेटल, एफएमसीजी, मीडिया, निजी बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र भी दबाव में कारोबार करते दिखे। इसके विपरीत, ऑटो सेक्टर 0.40 प्रतिशत और पीएसयू बैंक 0.29 प्रतिशत की मजबूती के साथ बढ़त बनाने में सफल रहे।

ऊर्जा के महंगे होने और अमेरिका में 10 साल के सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दर बढ़कर 4.73 प्रतिशत होने से अल्पकालिक स्तर पर विदेशी निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है। हालांकि, मजबूत आर्थिक बुनियाद और कॉरपोरेट आय में सुधार के संकेत घरेलू बाजार को स्थायित्व दे सकते हैं। ऐसे माहौल में घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा निचले स्तरों पर खरीदारी की संभावना बनी हुई है, वहीं खुदरा निवेशक मजबूत बुनियादी ढांचे वाली कंपनियों में दीर्घकालिक दृष्टिकोण से धीरे-धीरे पूंजी निवेश कर सकते हैं।

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