विशाखापत्तनम में ब्रिक्स युवा एवं खेल मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक शुरू, भारत कर रहा अध्यक्षता

विशाखापत्तनम में ब्रिक्स युवा एवं खेल मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक शुरू, भारत कर रहा अध्यक्षता

भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत शनिवार से आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में ब्रिक्स सदस्य देशों के युवा और खेल मंत्रियों की दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक शुरू हो गई है। इस सम्मेलन में समूह के सभी 11 सदस्य राष्ट्रों के संबंधित मंत्री और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य युवा कल्याण और खेल के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नई दिशा देना है।

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इन महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं, जबकि राज्य मंत्री रक्षा खडसे भी विचार-विमर्श में शामिल हैं। युवा मंत्रियों की बैठक के दौरान युवाओं के समग्र विकास और सशक्तीकरण पर विशेष रूप से मंथन किया जा रहा है। इस दौरान शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, युवा कल्याण तथा सतत विकास जैसे प्रमुख विषयों पर साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया गया। बैठक के समापन पर ‘ब्रिक्स युवा मंत्रियों का संयुक्त घोषणापत्र’ और ‘ब्रिक्स युवा सहयोग ढांचा’ स्वीकार किए जाने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के तहत 23 अगस्त को ब्रिक्स खेल मंत्रियों की दूसरी बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक खेल क्षेत्र में सदस्य देशों की साझी प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी। वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का मुख्य विषय “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” रखा गया है, जो लोक-केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।

केंद्रीय खेल मंत्रालय के अनुसार, यह मंत्रिस्तरीय बैठकें पूर्व में हुई चर्चाओं को गति देने और सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय साझेदारी को सशक्त बनाने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान कर रही हैं। खेल से जुड़े सत्रों में पारंपरिक एवं स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देने, खेल प्रौद्योगिकी, खेल उपकरण निर्माण और संयुक्त घोषणापत्र को अंतिम रूप देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

इस दो दिवसीय आयोजन के तहत ‘ब्रिक्स फ्रेंडशिप साइकिलिंग इवेंट’, सांस्कृतिक कार्यक्रम और द्विपक्षीय वार्ताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। खेल मंत्रियों के सत्र में भारत सहित ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख अपने वक्तव्य देंगे, जिसके बाद संयुक्त घोषणापत्र को औपचारिक रूप से अपनाया जाएगा।

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