अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मजबूत रुझानों के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने कारोबार की सकारात्मक शुरुआत की। सुबह 9:21 बजे के शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 226 अंक यानी 0.28 प्रतिशत चढ़कर 77,765 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 52 अंकों या 0.22 प्रतिशत की मजबूती दर्शाते हुए 24,305 पर पहुंच गया।
कारोबारी सत्र की शुरुआत में तेजी को मुख्य गति आईटी शेयरों से मिली। सूचकांकों के मोर्चे पर निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया में लगभग एक प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया, जिससे ये शीर्ष लाभ दर्ज करने वाले इंडेक्स बने। इसके साथ ही मेटल, ऑयल एंड गैस, एनर्जी, कमोडिटीज, सर्विसेज, फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंकिंग इंडेक्स भी बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे। हालांकि, ऑटो, डिफेंस, फार्मा, हेल्थकेयर और पीएसयू बैंक लाल निशान में फिसल गए।
मुख्य सूचकांकों के साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी लिवाली का रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 166 अंक (0.26 प्रतिशत) उछलकर 63,900 के स्तर पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 96 अंक (0.46 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 20,068 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स पैक में इंफोसिस, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचयूएल, एनटीपीसी, ट्रेंट, आईटीसी, मारुति सुजुकी, एसबीआई और सन फार्मा हरे निशान में रहे। दूसरी तरफ एशियन पेंट्स, बीईएल, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, इटरनल, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल तथा एमएंडएम के शेयरों में गिरावट का रुख रहा।
वैश्विक स्तर पर अनुकूल परिस्थितियां बाजार के लिए मददगार साबित हुईं। अमेरिकी प्रशासन की ओर से लंबी अवधि के बॉन्ड पुनर्खरीद (बायबैक) की सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर 4 अरब डॉलर करने से 30-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड करीब आधा प्रतिशत घट गई। इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल में नरमी के चलते ब्रेंट क्रूड 1.5 प्रतिशत गिरकर 91.35 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.60 प्रतिशत गिरकर 85.68 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शुक्रवार के सत्र में अमेरिकी बाजारों में डाओ जोन्स (0.98 प्रतिशत) और नैस्डैक (0.43 प्रतिशत) की मजबूती ने भी स्थानीय धारणा को बल दिया।