साइबर धोखाधड़ी और अवैध बैंक खातों के नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में छतरपुर पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई कर 7 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने देश के 15 राज्यों में फैले 35 करोड़ रुपये के म्यूल बैंक खाता नेटवर्क से जुड़े 3 आरोपियों को पकड़ा है, जबकि रेटिंग टास्क के नाम पर 28 लाख रुपये की ठगी करने वाले 4 अन्य अभियुक्तों को हिरासत में लिया है।
म्यूल अकाउंट नेटवर्क के मामले में कोतवाली पुलिस ने राजनगर रोड फोरलेन ओवरब्रिज के पास से एक संदिग्ध को पकड़ा था। उसके पास से विभिन्न बैंकों की 20 पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, विभिन्न कंपनियों की 104 सिम कार्ड और 2 मोबाइल बरामद हुए। आगे की जांच के बाद कियोस्क संचालक समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जांच में पाया गया कि इन बैंक खातों और सिम कार्ड का इस्तेमाल दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु और महाराष्ट्र सहित देश के 15 राज्यों में दर्ज 35 करोड़ रुपये के साइबर वित्तीय अपराधों में किया गया था। तमिलनाडु में एक महिला से हुई 37.80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की रकम भी इसी नेटवर्क के एक खाते में ट्रांसफर हुई थी। गिरोह जरूरतमंद लोगों को लालच देकर उनके खाते लेता था और फर्जी सिम के जरिए राशि घुमाता था।
वहीं खजुराहो थाने में दर्ज 28 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर नरसिंहपुर के गोटेगांव से जुड़े गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से एटीएम कार्ड, 2 मोबाइल फोन और 38 हजार रुपये नकदी बरामद की गई तथा 1.50 लाख रुपये बैंक खातों में होल्ड कराए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इंस्टाग्राम विज्ञापनों के जरिए बैंक खाते किराए पर लेते थे और प्राप्त राशि को तत्काल ट्रांसफर कर क्रिप्टोकरेंसी में बदल लेते थे। पुलिस को इनके खातों से 80 लाख रुपये के संदिग्ध वित्तीय प्रवाह और देश भर में दर्ज 50 साइबर शिकायतों के लिंक मिले हैं, जिनका विस्तार महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड तक है।
छतरपुर पुलिस दोनों मामलों में धन के प्रवाह और अन्य फरार आरोपियों की तकनीकी जांच कर रही है। पुलिस विभाग ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि अपने वित्तीय साधन, बैंकिंग विवरण या सिम किसी भी अनजान व्यक्ति को न दें, क्योंकि ऐसा करने पर खाताधारक पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में नागरिक तत्काल 1930 पर संपर्क करें अथवा cybercrime.gov.in पर सूचना दें।