मंगलवार के कारोबारी सत्र में घरेलू इक्विटी बाजारों ने पिछले दिन की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए हरे निशान में समापन किया। फार्मा व सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में खरीदारी और कच्चे तेल के दामों में कमी के दम पर प्रमुख सूचकांकों ने 0.48 प्रतिशत तक की बढ़त हासिल की।
सत्र के अंत में बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.37 प्रतिशत (286.98 अंक) चढ़कर 77,656.09 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 सूचकांक भी 0.48 प्रतिशत (116 अंक) की मजबूती के साथ 24,335.55 के स्तर पर बंद हुआ।
सत्र की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी। सेंसेक्स पिछले बंद 77,369.11 की तुलना में 73.61 अंक नीचे 77,295.49 पर खुला, लेकिन सत्र के दौरान इसमें 297.28 अंकों (0.38 प्रतिशत) का सुधार हुआ और इसने 77,666.39 का उच्च स्तर छुआ। इसी तरह, निफ्टी 50 पूर्व बंद 24,219.05 के मुकाबले 43.29 अंक गिरकर 24,175.75 पर खुला था, जो बाद में 115.5 अंक (0.47 प्रतिशत) की छलांग लगाकर 24,334.55 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंचा।
ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला रुझान दिखा, जहां निफ्टी मिडकैप 0.54 प्रतिशत चढ़ा, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप में 0.10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। सेक्टर्स में निफ्टी फार्मा, हेल्थकेयर और पीएसयू बैंक सबसे आगे रहे, जबकि प्राइवेट बैंक और मेटल सेक्टर दबाव में बंद हुए।
व्यक्तिगत शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज, मैक्स हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, इंफोसिस और इटरनल बढ़त बनाने वाले शीर्ष शेयरों में शुमार रहे। इसके विपरीत, एचडीएफसी लाइफ, सिप्ला और ओएनजीसी के शेयरों में सबसे अधिक कमजोरी देखने को मिली।
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर महंगाई के नए आंकड़ों और अमेरिकी फेड चेयर के बयानों पर रहेगी, जिससे मौद्रिक नीति की भावी दिशा स्पष्ट हो सकेगी। इसके साथ ही, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल के स्तर और बॉन्ड यील्ड को देखते हुए अल्पावधि में बाजार में सतर्क रुख बने रहने की संभावना है।