दक्षिण-पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत अंतर्गत लोंगचांग शहर में शुक्रवार को दोपहर 1:13 बजे 5.1 तीव्रता के भूकंपीय झटके दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप नेटवर्क केंद्र (सीईएनसी) के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस भूकंप की गहराई सतह से लगभग 13 किलोमीटर नीचे केंद्रित थी। वर्तमान में इस घटना से किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) तथा नेपाल सरकार के वैज्ञानिक विश्लेषणों में 47 हिमनद झीलों को ‘संभावित खतरनाक’ (पीडीजीएलएस) के तौर पर चिन्हित किया गया है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस प्रकार के भूकंपीय झटके ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (ग्लोफ) की स्थिति पैदा कर सकते हैं, जिससे नेपाली नदी तंत्रों में व्यापक विनाश का खतरा बढ़ जाता है।
कुल 47 संवेदनशील झीलों में से 21 झीलें नेपाल की सीमा में तथा 25 तिब्बत के अंतर्गत सीमा पार क्षेत्र में मौजूद हैं। दक्षिण की ओर नेपाल में प्रवेश करने वाली नदियों के उद्गम और ऊपरी हिस्सों में स्थित होने के चलते ये झीलें ढलान की ओर बसे गांवों और निर्माण कार्यों के लिए निरंतर गंभीर चुनौती बनी हुई हैं।
नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोसी नदी में आई जल त्रासदी में मृतकों का आंकड़ा 469 तक पहुंच चुका है और 977 लोग लापता बताए जा रहे हैं। यह स्थिति भोटेकोसी की सहायक नदी ‘ल्हेन्डे’ का बहाव हिमस्खलन के मलबे से रुकने के चलते बनी थी, जिससे सीमावर्ती रसुवागढ़ी के तिमुरे गांव में सबसे पहले तबाही फैली। क्षेत्र में स्थानीय बारिश न होने से नागरिक किसी खतरे से अनभिज्ञ थे और दैनिक कार्यों के बीच ही सैलाब की चपेट में आ गए।