मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बालाघाट जिले के कोरका-बोंदारी क्षेत्र में प्रवास के दौरान आम नागरिकों से मुलाकात की। लांजी की ओर वापसी के सफर में ग्राम देवरबेली के पास एकत्र महिलाओं और बच्चों को देखते ही मुख्यमंत्री ने अपनी गाड़ी रुकवाई और सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचे।
अचानक मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामवासियों में हर्ष का माहौल बन गया। डॉ. यादव ने अत्यंत सहजता से लोगों से भेंट की और हालचाल पूछा। रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में जनजाति बहुल गांव की बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी और आशीर्वाद दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष और आत्मीयता से स्वीकार किया।
इस अनौपचारिक मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं भी विस्तार से जानीं। स्थानीय लोगों ने गांव की आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराया, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए।
देवरबेली के निवासियों के अनुसार, गांव के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री का यहां आगमन हुआ है। ग्रामीणों ने इस पहल को शासन की जमीनी संवेदनशीलता बताया और कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर जनभावनाओं को समझना प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ाता है।
यह मुलाकात क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष और यादगार रही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस आत्मीय संवाद के बाद ग्रामीणों से मिले सम्मान, राखी और शुभकामनाओं के लिए स्थानीय मातृशक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।