रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 से 10 सितंबर, 2026 के बीच श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। अपनी इस यात्रा के क्रम में वे दोनों देशों के साझा हितों और द्विपक्षीय प्राथमिकताओं की समीक्षा करेंगे।
रक्षा मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ राजनयिकों और अधिकारियों से युक्त एक उच्च स्तरीय शिष्टमंडल रक्षा मंत्री के साथ इस यात्रा में शामिल रहेगा। राजनाथ सिंह श्रीलंकाई नेतृत्व के साथ व्यापक विषयों पर विचार-विमर्श करने के अलावा कोलंबो में भारतीय प्रवासियों से भी भेंट करेंगे।
दोनों पड़ोसी देशों के मध्य सभ्यतागत जुड़ाव का एक लंबा इतिहास रहा है। यह साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा विमर्श, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और जनता के आपसी संपर्कों जैसे महत्वपूर्ण आयामों में निरंतर विस्तार ले रही है।
द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती संकट के समय में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी है। श्रीलंका के गंभीर आर्थिक संकट के समय भारत द्वारा दी गई समयबद्ध सहायता और वर्ष 2025 के चक्रवात ‘दितवाह’ के उपरांत त्वरित राहत कार्यों में निभाई गई अग्रणी भूमिका ने दोनों देशों के आपसी विश्वास को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचाया है।
यह साझेदारी भारत सरकार की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी सर्वोपरि) नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘महासागर’ विजन—क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति—के अनुरूप है। रक्षा मंत्री की इस यात्रा से दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और रक्षा साझेदारी सहित सभी परस्पर लाभकारी क्षेत्रों में सहयोग को अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।