अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को रूस और ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों को कड़ा करने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक पर हस्ताक्षर कर उसे कानून का रूप दे दिया। ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक इस कानून के तहत रूसी तेल व गैस की खरीद करने वाले प्रमुख देशों पर 100 फीसदी तक आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, ईरान पर प्रतिबंध लागू करने के अमेरिकी अधिकार को भी आगामी पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह नया कानून प्रशासन को रूस पर वैधानिक पाबंदियां, व्यापारिक शुल्क और विभिन्न प्रकार की आर्थिक रोक लगाने के साथ-साथ उनके विस्तार की अनुमति देता है। इसके दायरे में ईरान पर पूर्व में लगाए गए प्रतिबंधों की अवधि बढ़ाना भी शामिल है।
अलबामा से रिपब्लिकन सीनेटर केटी ब्रिट द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, यह कानून राष्ट्रपति को अधिकार देता है कि वे रूसी कच्चे तेल और गैस के शीर्ष पांच आयातक देशों अथवा तेल प्रतिबंधों से बचने में रूस का सहयोग करने वाले प्रमुख पांच देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लागू करें। हालांकि, इस आधिकारिक घोषणा और सांसदों के बयानों में उन विशिष्ट देशों के नामों या किसी विशेष देश के लिए तय की जाने वाली निश्चित टैरिफ दरों का उल्लेख नहीं किया गया है।
कानून में कुछ विशेष शर्तों के तहत राहत की व्यवस्था भी रखी गई है। सीनेटर ब्रिट के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि यदि कोई देश रूस के कुल प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम हिस्सा खरीदता है और साथ ही वह इस निर्भरता को घटाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है, तो उसे इन दंडात्मक प्रावधानों से छूट दी जा सकती है।
ऊर्जा क्षेत्र के अतिरिक्त इस कानून की परिधि काफी विस्तृत रखी गई है। इसके अंतर्गत रूसी सरकारी अधिकारियों, प्रमुख उद्योगपतियों (ओलिगार्क), उनके परिजनों, विदेशी नागरिकों, रूसी बैंकिंग व वित्तीय तंत्र और गुप्त रूप से संचालित होने वाले जहाजी बेड़े (‘शैडो फ्लीट’) को भी निशाने पर लिया गया है। इस अधिनियम में यूक्रेन युद्ध में रूस की सहायता करने वाले पक्षों पर प्रत्यक्ष (प्राइमरी) और अप्रत्यक्ष (सेकेंडरी) दोनों तरह के कड़े प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था की गई है।
ओवल ऑफिस में हस्ताक्षर समारोह के दौरान सीनेटर केटी ब्रिट के साथ टेक्सास के रिपब्लिकन प्रतिनिधि माइकल मैककॉल भी मौजूद थे। सीनेटर ब्रिट ने कहा कि इस विधेयक पर हस्ताक्षर कर राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने वाले और रूसी तंत्र को वित्तीय साधन मुहैया कराने वाले देशों के विरोध में अमेरिका पूरी दृढ़ता से खड़ा है। उन्होंने कानून पारित कराने का श्रेय अमेरिकी संसद के दोनों सदनों तथा व्हाइट हाउस को देते हुए पूर्व सीनेटर ग्राहम के योगदान की भी सराहना की। वहीं, इडाहो के रिपब्लिकन प्रतिनिधि माइक सिम्पसन ने इस आर्थिक कदम का समर्थन करते हुए कहा कि लंबे समय से जारी इस संघर्ष में रूस को किसी भी तरह से विजयी दिखने या अपनी मनमानी करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।