बुधवार को अमेरिका पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों महाशक्तियों के बीच सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि चीन और अमेरिका को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी मानने की जगह सहयोगी और साझेदार की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि इस नए दौर में दोनों राष्ट्र अपने संबंधों को अधिक स्थिर और संतुलित बनाने के लिए उचित समाधान व दिशा तलाश सकते हैं।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के माध्यम से सामने आए अपने लिखित संबोधन में शी ने कहा कि दोनों देश और उनके नागरिक ऐतिहासिक रूप से महान हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन और अमेरिका के पारस्परिक हित अभिन्न रूप से एक-दूसरे से संबद्ध हैं और दोनों देशों के लोगों के बीच एक लंबे समय से आत्मीय व मैत्रीपूर्ण संपर्क बना हुआ है।
शी जिनपिंग ने मई माह में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के समय दोनों शीर्ष नेताओं के मध्य बनी सहमति का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान संबंधों में रणनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए जो सहमति बनी थी, उसी ने भविष्य की कूटनीतिक प्रगति की रूपरेखा तैयार की है।
संबंधों की भावी दिशा तय करते हुए चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को सकारात्मक समन्वय के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने एक ऐसे स्थिर द्विपक्षीय तंत्र की आवश्यकता बताई जिसमें सहयोग मुख्य आधार हो, आपसी होड़ संतुलित रहे, विवादों व मतभेदों का उचित प्रबंधन किया जाए और स्थायी शांति सुनिश्चित हो सके।
शी ने यह भी कहा कि चीन की राष्ट्रीय प्रगति का अभियान और अमेरिका को फिर से महान बनाने की नीति एक साथ समानांतर रूप से आगे बढ़ सकती हैं। दोनों देश एक-दूसरे की प्राथमिकताओं के पूरक बनकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी लाभान्वित कर सकते हैं।
उन्होंने दोहराया कि दोनों देशों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की ऐतिहासिक प्रवृत्ति में कोई बदलाव नहीं आया है। साथ ही, उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ द्विपक्षीय मामलों एवं वैश्विक हालात पर गहन विचार-विमर्श की आशा व्यक्त की। यात्रा की शुरुआत में मैरीलैंड के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर एक विशेष कूटनीतिक शिष्टाचार देखने को मिला, जहां राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने शी जिनपिंग तथा उनकी पत्नी पेंग लियुआन का औपचारिक स्वागत किया। शीर्ष स्तरीय कूटनीति के संदर्भ में इस गर्मजोशी भरे स्वागत को असाधारण माना जा रहा है।