भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश के नौ राज्यों में चल रहीं 17 अहम हाईवे परियोजनाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस जांच के दायरे में वे प्रोजेक्ट्स रखे गए हैं, जहां एजेंसियों ने अनुमानित लागत से 15 प्रतिशत से अधिक कम दर पर ठेका लिया था। प्राधिकरण का मकसद निर्माण के शुरुआती और मध्य दौर में ही कमियों को चिन्हित कर उन्हें समय रहते ठीक कराना है।
यह विशेष तकनीकी समीक्षा सामान्य निरीक्षण व्यवस्था के अतिरिक्त संचालित की जाएगी। एनएचएआई ने पहले दौर के निरीक्षण को दिसंबर 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके छह महीने बाद एक बिल्कुल नए विशेषज्ञ दल को दोबारा इन्हीं प्रोजेक्ट्स की जांच सौंपी जाएगी, जिससे गुणवत्ता मानकों की पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र समीक्षा सुनिश्चित हो सके।
जांच सूची में उन्हीं परियोजनाओं को जगह दी गई है जो तीन तय शर्तों को पूरा करती हैं। पहला, निर्माण की कुल लागत कम से कम 500 करोड़ रुपये हो; दूसरा, टेंडर 15 प्रतिशत से ज्यादा की छूट पर आवंटित हुआ हो; और तीसरा, मौके पर 35 से 80 फीसदी तक भौतिक प्रगति दर्ज हो चुकी हो। इस चयन पद्धति का उद्देश्य काम के सबसे संवेदनशील चरण में गुणवत्ता की कड़ी निगरानी करना है।
चयनित 17 प्रोजेक्ट्स में कई महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, एक्सेस-कंट्रोल हाईवे, बाईपास और 4 व 6 लेन की सड़कें शामिल हैं। ये निर्माण कार्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और गुजरात में चल रहे हैं।
जांच कार्य को त्रुटिहीन बनाने के उद्देश्य से प्राधिकरण ने एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ पैनल तैयार किया है। इसके तहत बनाई गई टीमों की अगुवाई 39 अनुभवी और सेवानिवृत्त मुख्य इंजीनियर करेंगे, जो सड़क परिवहन मंत्रालय, रेल मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय तथा विभिन्न राज्यों के पीडब्ल्यूडी से जुड़े रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर अन्य तकनीकी विशेषज्ञ भी इनका सहयोग करेंगे।
इस ऑडिट में अनुमोदित डिजाइन, तकनीकी नियमों, अनुबंध के प्रावधानों और परियोजना गुणवत्ता योजना के आधार पर एक-एक पहलू की पड़ताल होगी। कार्यस्थल पर इस्तेमाल हो रही सामग्री, निर्माण के तौर-तरीकों तथा टेस्टिंग व सैंपलिंग के पुराने रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। इसके अलावा सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक डायवर्जन और पर्यावरण संरक्षण के नियमों की भी बारीकी से जांच होगी। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर कांट्रैक्ट के प्रावधानों के तहत त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
NHAI के अनुसार, इस विशेष जांच से निर्माण क्षेत्र की बार-बार सामने आने वाली चुनौतियों को समझने और कार्यप्रणाली में सुधार लाने में बड़ी मदद मिलेगी। इससे निर्माण एजेंसियों, कंसल्टेंट्स और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी तय की जा सकेगी, जिससे देश भर में विश्वस्तरीय और सुरक्षित सड़कों का निर्माण सुनिश्चित हो सके।