उत्तर प्रदेश की सरकार ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लखनऊ हवाईअड्डे से वापस लौटा दिया है। मुख्यमंत्री वापस दिल्ली जा रहे हैं, जहां अगली रणनीति तय होगी। भूपेश बघेल 2 बजे के करीब लखनऊ हवाई अड्डे पहुंचे थे। वहां से बाहर निकलने की इजाजत नहीं मिली तो फर्श पर ही धरने पर बैठ गए। वहीं से उन्होंने जूम एप के जरिए पत्रकारों से चर्चा भी की।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, वे जब हवाई अड्डे से निकल रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कहा गया धारा-144 लगी है, इसलिए वे हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकल सकते। मैंने उनसे पूछा कि धारा-144 तो लखीमपुर में लगी है, लखनऊ में प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर जाने से कैसे रोका जा सकता है। अधिकारियों ने कहा- लखनऊ में भी धारा-144 लगी है। मैंने पूछा कि जब यहां धारा-144 लगी है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम कैसे हो गया। उसके बाद अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था, लेकिन उन लोगों ने हवाई अड्डे से बाहर नहीं जाने दिया। बताया जा रहा है, काफी मशक्कत के बाद अफसरों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दिल्ली जाने के लिए मनाया। उसके बाद मुख्यमंत्री विशेष विमान से दिल्ली लौट रहे हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने बहुत से आंदोलनों में हिस्सा लिया। धरना-प्रदर्शन किया। जेल भरो आंदोलन किए, लेकिन हवाई अड्डे के भीतर धरना देने का यह पहला अवसर है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने यह अवसर भी दे दिया। उन्होंने कहा, जब तक उन्हें लखनऊ और सीतापुर जाकर अपने नेताओं-कार्यकर्ताओं से मिलने की अनुमति नहीं मिलती वे यहीं बैठेंगे। यह उत्तर प्रदेश सरकार को तय करना है कि वह क्या चाहती है। उन्होंने कहा, भाजपा अंग्रेजों की समर्थक रही है। वैचारिक रूप से वह अंग्रेजों को ही फॉलो करती है। अंग्रेजों ने किसानों का दमन किया। भाजपा भी किसानों की विरोधी है। इन लोगों ने प्रियंका गांधी पर बिना किसी अपराध के तीन धाराएं लगाई हैं। हो सकता है मुझे भी गिरफ्तार कर ले।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, जो हत्यारे हैं वो घूम रहे हैं और जो न्याय की मांग करते हैं उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। बिना अपराध प्रियंका गांधी को अवैध हिरासत में रखा जा सकता है। गिरफ्तार किया जा सकता है तो हम लोगों के साथ कुछ भी हो सकता है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा भाजपा के नेता सत्ता के मद में इतने चूर हो गए हैं कि जनता को कीड़े-मकोड़े समझ रहे हैं। किसानों को तो वे कुछ समझ ही नहीं रहे हैं। उत्तर प्रदेश की हालत तो सबसे बुरी है। हाथरस, गोरखपुर और अब लखीमपुर खीरी की घटनाओं से साफ हो गया है कि यहां की पुलिस कुछ भी कर सकती है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, भाजपा नेताओं द्वारा किसानों को रौंदा जा रहा है। उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाई जा रही है। क्या यही अमृत महोत्सव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम में लखनऊ में ही थे।मुख्यमंत्री ने कहा, विपक्ष को लखीमपुर खीरी जाने से रोककर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मामले को छिपाना, दबाना और किसी को बचाना चाहती है। सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि शांतिपूर्वक सड़क पर जा रहे किसानों पर पीछे से जीप चढ़ा दी गई। उसमें किसानों की मौत हुई। सरकार इसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और उसके बेटे को बचाना चाह रही है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश से योगी सरकार की विदाई का समय आ गया है। उन्होंने कहा, यहां दलितों, व्यापारियों और किसानों की किस तरह हत्या हो रही है। यह हाथरस, गोरखपुर और लखीमपुर में दिख गया है। यह घटनाएं पूरा प्रदेश देख रहा है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लखनऊ छोड़ने से पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली। उन्होंने लिखा, बहुत सुन रखा था लखनवी तहज़ीब के बारे में। इस बार एयरपोर्ट पर जो हुआ वह तो एकदम उलट था। ये आपने क्या कर दिया योगी जी!! लखनऊ के लोगों को कितना बुरा लगता होगा, मैं समझ सकता हूं। लोगों को समझ में आ रहा होगा कि उन्होंने क्या खोया है।