आज से रिचार्ज कराना महंगा:एयरटेल ग्राहकों को 20 से 501 रुपए तक ज्यादा खर्च करने होंगे

एयरटेल ग्राहकों के आज से कॉल और इंटरनेट महंगा हो गया है। कंपनी ने चार दिन पहले ही अपने प्रीपेड प्लान को महंगा करने का ऐलान किया था। ऐसे में आज से कंपनी के सभी 12 प्रीपेड प्लान महंगे हो गए। अब ग्राहकों को रिचार्ज के लिए मिनिमम 20 रुपए और मैक्सिमम 501 रुपए ज्यादा खर्च करने होंगे। वोडाफोन-आइडिया भी पुराने प्लान पर नई कीमतें लागू कर चुकी है। दोनों कंपनियों के प्लान और कीमतों लगभग एक समान हो चुकी हैं।

देशभर में एयरटेल के 35 करोड़ और वोडाफोन-आइडिया के 27 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। दोनों कंपनियों ने एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) बढ़ाने के लिए टैरिफ प्लान महंगे किए हैं। आइए सबसे पहले आपको ग्राफिक्स के जरिए बताते हैं कि अब एयरटेल और वीआई ग्राहकों को रिचार्ज के लिए कितने रुपए ज्यादा खर्च करने होंगे।

दो वजह से कंपनियों ने टैरिफ प्लान महंगे किए

  • पहला कारण: भारतीय एयरटेल और वीआई इंडिया कर्ज में डूबी हुई हैं। एयरटेल पर मार्च 2021 तक 93.40 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था। वहीं, वोडाफोन आइडिया पर जून तिमाही तक 1.90 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था। इन कर्ज में एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) समेत दूसरे कर्ज शामिल हैं। AGR मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को बकाया चुकाने के लिए 10 साल का समय दिया है। एयरटेल ने अक्टूबर में राइट्स इश्यू के जरिए 21 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं। वहीं वोडाफोन पिछले साल से 20 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है, लेकिन अभी तक उसे इन्वेस्टर नहीं मिले है।
  • दूसरा कारण: टेलीकॉम कंपनियां एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) को बढ़ाना चाहती हैं। इस वजह से इन्हें तंगी से निपटने में मदद मिलेगी। वोडाफोन को तो बैंक भी लोन नहीं दे रहे हैं। प्रति ग्राहक कमाई में एयरटेल 155 रुपए के साथ सबसे आगे है। उसका लक्ष्य जनवरी तक इसे 180 रुपए तक करने का है। नए प्लान से एयरटेल की प्रति ग्राहक कमाई 165 रुपए हो जाएगी। यानी 35 करोड़ ग्राहकों से 10-10 रुपए एक्स्ट्रा मिलेंगे। इससे उसका रेवेन्यू बढ़ेगा। इसी तरह वीआई की प्रति ग्राहक कमाई 109 रुपए है। उसे भी सभी यूजर्स से 10-10 रुपए एक्स्ट्रा मिलेंगे।

टैरिफ प्लान महंगे करने पर टेलीकॉम मामलों के एक्सपर्ट और कॉमफर्स्ट के डायरेक्टर, महेश उप्पल ने कहा, “भारत में टेलीकॉम कंपनियों के सामने दो प्रॉब्लम हैं। पहली कंपनियां का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) दुनियाभर में सबसे कम हमारे यहां है। कंपनियां चाहती हैं कि किसी तरह से ARPU में बढ़ोतरी हो। अब इसे बढ़ाने वाली कंपनी के सामने ये चैलेंज है कि यदि कॉम्पिटीटर ने दाम नहीं बढ़ाए, तो उसके बिजनेस पर असर पड़ेगा। दूसरी प्रॉब्लम है कि देश के लोगों के लिए दाम काफी मायने रखते हैं। कई ग्राहक टेलीकॉम का खर्च एक लेवल तक ही रखना चाहते हैं। जैसे, एयरटेल और वीआई ने दाम बढ़ा दिए, लेकिन जियो अपने प्लान महंगे नहीं करता है तब इसका नुकसान दोनों कंपनियों को हो सकता है। कंपनियों के लिए अच्छी बात ये है कि अब मार्केट में कॉम्पिटिशन कम है और कंपनियां डेटा रेवेन्यू पर फोकस कर सकती हैं।”

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