फिल्म 83 का टीजर रिलीज:

1983 वर्ल्ड कप जीत की कहानी पर बेस्ड फिल्म ’83’ का टीजर शुक्रवार को रिलीज हुआ। कुछ ही घंटों के भीतर इस टीजर को करीब 6 लाख लोगों ने देख लिया। टीजर में कपिल देव का वो करिश्माई कैच दिखाया गया है, जिसने मैच का पासा पलट दिया और भारत अपना पहला वर्ल्ड कप खिताब जीत सका। इस मैच में मोहिंदर अमरनाथ ने 26 रन बनाए थे और महज 12 रन देकर 3 विकेट लिए थे। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत ने 183 रन बनाए थे। टीम की ओर से सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले बैट्समैन थे के. श्रीकांत। उन्होंने 57 गेंदों पर 7 चौके और एक छक्के की मदद से 38 रन बनाए थे। दिग्गज बल्लेबाजों से सजी वेस्टइंडीज के सामने ये काफी छोटा स्कोर था।

वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं थी। पहला विकेट गॉर्डन ग्रीनिज के रूप में महज 5 रन पर गिर गया था, लेकिन इसके बाद आए दिग्गज विवियन रिचर्ड्स और उन्होंने डेसमंड हेंस के साथ मिलकर 45 रन की साझेदारी की थी। इसके बाद हेंस आउट हो गए और क्रीज पर आए कप्तान क्लाइव लॉयड। रिचर्ड्स क्रीज पर टिके हुए थे।विवियन रिचर्ड्स 7 चौके लगाकर 33 रन पर खेल रहे थे और उनका साथ दे रहे थे क्लाइव लॉयड। उस वक्त यही लग रहा था कि वेस्टइंडीज की टीम आसानी से लक्ष्य हासिल कर लेगी, क्योंकि रन रेट साढ़े तीन से भी कम था।कप्तान कपिल देव ने मदन लाल को गेंद पकड़ाई। मदन लाल ने ऑफ स्टंप पर गुडलेंथ पर बॉल डाली जो भीतर की तरफ आ रही थी। विवियन ने मिड विकेट के ऊपर पुल शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन बॉल बल्ले पर सही तरह से नहीं आई और मिड विकेट पर खड़े कपिल ने पीछे की तरफ दौड़ते हुए ये कैच लपक लिया। इसके बाद वेस्टइंडीज की पारी संभल नहीं पाई और पूरी टीम 52 ओवर में 140 रन पर आउट हो गई।विवियन का शॉट हवा में काफी ऊपर गया था। कपिल पीछे की ओर करीब 20 गज तक दौड़ लगाते हुए गए थे। देखने में तो यह कैच बेहद आसान लगता है, लेकिन ये था बेहद मुश्किल। करीब 20 गज तक पीछे की तरफ दौड़कर कपिल ने ये कैच लपका था और इस दौरान उन्होंने गेंद से अपनी नजर एक पल के लिए भी नहीं हटाई थी।

फाइनल मुकाबले में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पूर्व भारतीय ओपनर श्रीकांत कई बार अपने इंटरव्यू में कपिल की मोटिवेशनल स्पीच का जिक्र कर चुके हैं। श्रीकांत ने कहा था कि 183 रन पर सिमटी भारतीय टीम जीत की उम्मीद नहीं कर रही थी। वेस्टंडीज की टीम के सामने तो कतई नहीं। इसके बाद कपिल ने अपनी टीम से बात की। कपिल ने ये तो नहीं कहा कि भारत ये मैच जीतेगा, पर उन्होंने कहा था- भले ही हम 183 रनों पर आउट हो गए हैं, लेकिन इस मैच में हार मान लेने की बजाय हम लड़ेंगे।

श्रीकांत ने कहा था कि कपिल देव के ये शब्द भारतीय टीम की सूरत बदलने वाले थे। ये शब्द भारतीय क्रिकेट और भारतीयों के लिए भी टर्निंग पॉइंट बन गए थे। वह भी उस वक्त, जब क्रिकेट में वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का दबदबा हुआ करता था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *