दुनियाभर में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों की वजह से कोरोना केस में लगातार इजाफा हो रहा है। मंगलवार को दुनिया में कोरोना के रिकार्ड 12.22 लाख मामले दर्ज किए गए और 6,899 लोगों की मौत हुई है। वहीं, अमेरिका में मंगलवार को 3.12 लाख कोरोना मामलों की पुष्टि हुई है। यहां कोरोना से 1,811 लोगों की मौत हुई है।
इस बीच फ्रांस ने यूरोप में अब तक के सबसे ज्यादा नए मामले दर्ज किए। मंगलवार को यहां 179,807 कोरोना संक्रमित मिले और 290 लोगों की मौत हुई। फ्रांस के हेल्थ मिनिस्टर ओलिवियर वेरन ने जनवरी की शुरुआत में रोजाना के नए मामलों की संख्या 2.5 लाख तक पहुंचने की आशंका जताई है।
UK में पिछले 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए गए हैं। यहां मंगलवार को 129,471 नए कोरोना केस की पुष्टि हुई है। वहीं, कोरोना से 143 लोगों की मौत हई है। पिछली बार कोरोना के सबसे ज्यादा केस 24 दिसंबर को मिले थे। इस दिन कोरोना के 122,186 केस दर्ज किए गए थे।
यहां ओमिक्रॉन संक्रमण की वजह से पेशेंट्स के अस्पताल में भर्ती होने दर 53% से भी ज्यादा है। विशेष तौर पर लंदन ओमिक्रॉन से सबसे ज्यादा प्रभावित है। सोमवार को PM बोरिस जॉनसन ने कोरोना को लेकर नई पाबंदिया नहीं लागू करने की बात कही थी। इसके बाद यहां कोरोना केस में इजाफा हुआ है।
WHO ने कहा- दुनियाभर में ओमिक्रॉन केस बढ़ रहे हैं; ऐसे में इसका जोखिम अभी भी बहुत ज्यादा
वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन(WHO) ने कहा है कि पिछले हफ्ते दुनियाभर में कोरोना के मामलों में 11% का इजाफा हुआ है। इनमें ओमिक्रॉन के मामले भी शामिल हैं। WHO ने बुधवार को बताया कि कई देशों में तेजी से बढ़ते संक्रमण का कारण ओमिक्रॉन है। इन देशों में संक्रमण डेल्टा वैरिएंट से भी आगे निकल चुका है।
इस वजह से ओमिक्रॉन से होने वाले संक्रमण का जोखिम लगातार बना हुआ है। ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में ओमिक्रॉन अब प्रमुख वैरिएंट बन गया है।
दक्षिण अफ्रीका में नवंबर में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिलने के बाद अमेरिका समेत कई देशों ने अफ्रीकी देशों पर ट्रैवल बैन लगा दिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को 8 दक्षिणी अफ्रीकी देशों से ट्रैवल बैन हटाने की घोषणा की है। अमेरिका से इन देशों के लिए ट्रैवल 31 दिसंबर से शुरू हो जाएगा। इनमें दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे, नामीबिया, लेसोथो, इस्वातिनी, मोजाम्बिक और मलावी शामिल हैं।
अमेरिका में ओमिक्रॉन के लगातार नए केस सामने आ रहे हैं। ऐसे में टेस्ट के लिए RT-PCR में ज्यादा समय लगता है, जिस वजह से ओमिक्रॉन की जांच के लिए टेस्ट किट का उपयोग भी किया जा रहा है। इसको लेकर अमेरिकी फूड एंड ड्रग एमिनिस्ट्रेशन(FDA) ने बुधवार को कहा कि ये किट ओमिक्रॉन वैरिएंट ओमिक्रॉन का सटीकता से पता नहीं लगा सकते।
FDA ने कहा कि शुरुआती आंकड़े के मुताबिक, एंटीजन टेस्ट ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता तो लगाते हैं लेकिन इनकी संवेदनशीलता कम हो सकती है। यह टेस्ट गलत या निगेटिव रिपोर्ट भी दे सकते है।