LIC के बाद दूसरे सबसे बड़े इश्यू की तैयारी:रिलायंस जियो इस साल ला सकती है IPO

LIC के बाद दूसरे सबसे बड़े इश्यू की तैयारी:रिलायंस जियो इस साल ला सकती है IPO

मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलांयस जियो इस साल IPO ला सकती है। इसका वैल्यूएशन 7.40 लाख करोड़ यानी 100 अरब डॉलर होने की उम्मीद है। इसकी लिस्टिंग के बाद यह ग्रुप में रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद दूसरी सबसे बड़ी कंपनी होगी।विदेशी ब्रोकरेज हाउस CLSA ने इस तरह की उम्मीद जताई है कि इस साल में यह कंपनी लिस्ट हो सकती है। जियो में 2020 में 13 निवेशकों को करीबन 33% हिस्सेदारी बेची जा चुकी है। इसमें से 10% के करीब फेसबुक को और 8% के करीब गूगल को हिस्सेदारी बेची गई थी। रिलायंस जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसके पास अक्टूबर 2021 में 42 करोड़ से ज्यादा ग्राहक थे।

रिलायंस ने साल 2020 में जियो में हिस्सेदारी बेचकर 1.52 लाख करोड़ रुपए हासिल किया था। गूगल और फेसबुक ने मिलकर 77,311 करोड़ रुपए का निवेश किया था। इन्हें इसके बदले 18% हिस्सेदारी मिली थी। रिटेल में इसने 10% से ज्यादा हिस्सेदारी बेचकर 47 हजार करोड़ रुपए जुटाए थे। CLSA ने कहा कि हमारा मानना है कि रिलायंस जियो IPO अलग से लिस्ट हो सकती है। इसका वैल्यूएशन 99 अरब डॉलर का हो सकता है।जियो के जनवरी अंत तक 43 करोड़ से ज्यादा ग्राहक होने की उम्मीद है जबकि दूसरी सबसे बड़ी कंपनी एयरटेल के पास 32 करोड़ ग्राहक हैं। हालांकि प्रति ग्राहक कमाई में एयरटेल आगे है। यह हर ग्राहक से 157 रुपए कमाती है जबकि जियो 144 रुपए कमाती है। वैसे कीमतें बढ़ने से सभी कंपनियों की प्रति ग्राहक कमाई बढ़ने की उम्मीद है।

हाल में एयरटेल सहित तीनों प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने कीमतो में जमकर बढ़ोत्तरी की है। पहले वोडाफोन ने कीमत बढ़ाई, फिर एयरटेल ने और अंत में जियो ने बढ़ाई। 2021 में जियो के पास करीबन 39% बाजार हिस्सेदारी थी। रिलायंस जियो ने जियो फोन नेक्स्ट को लॉन्च किया था।रिलायंस ने साल 2020 में जब जियो में हिस्सेदारी बेचकर रकम जुटाई तो उस समय इसका एंटरप्राइज वैल्यूएशन 5.16 लाख करोड़ रुपए था। जबकि मार्केट वैल्यूएशन 4.91 लाख करोड़ रुपए था। उस आधार पर जियो के एक शेयर की कीमत 885 रुपए के करीब आ रही थी। जियो में इस समय प्रमोटर की हिस्सेदारी करीबन 67% है।इस आधार पर अगर देखा जाए तो कंपनी IPO में 17% तक हिस्सेदारी बेच सकती है। क्योंकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में प्रमोटर्स के पास 50% हिस्सेदारी है। ऐसे में अगर जियो में कंपनी 17% हिस्सा बेचती है तो उसके पास 50% हिस्सा रहेगा। इस 17% के लिए जियो को 85 हजार करोड़ रुपए मिल सकते हैं। हालांकि बाजार की स्थितियों और आगे चलकर ज्यादा वैल्यूएशन पर बेचने की रणनीति के तहत कंपनी कम हिस्सा भी में बेच सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *