छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण स्थिर है, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार को 15 मरीजों की मौत हुई है। तीसरी लहर के दौरान किसी एक दिन हुई मौत का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। डेथ ऑडिट रिपोर्ट से सामने आया है कि अब तक 13 हजार 697 लोगों की मौत रिपोर्ट हुई है। इनमें से इस महामारी से जान गंवाने वालों में से 65.37% लाेगाें को कोरोना के अलावा दूसरी गंभीर बीमारियां भी थीं।
छत्तीसगढ़ के डायरेक्टर एपिडेमिक कंट्रोल डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया, गंभीर बीमारी के चलते कोरोना से मरने वालों की संख्या 8 हजार 953 है। जबकि सिर्फ संक्रमण के चलते 4 हजार 743 लोगों की जान प्रदेश में जा चुकी है। मरने वालों में 4882 की उम्र 46 से 60 साल के बीच पाई गई है। यह एक आयु वर्ग के बीच सबसे अधिक मौत है। मई 2020 में प्रदेश में कोरोना से हुई पहली मौत से लेकर अब तक 15 साल तक के 60 बच्चों की भी मौत हाे चुकी है।
तीसरी लहर में मौतों का आंकड़ा अभी तक कम रहा है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से 7 से अधिक मौतें रिपोर्ट हो रही हैं। गुरुवार को हुई मौतों में पांच लोग रायपुर के ही शामिल हैं। दुर्ग, बलौदा बाजार, कोरबा और जांजगीर-चांपा में दो-दो लाेगाें की जान गई है। वहीं बिलासपुर और कोरिया के एक-एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इनमें से चार लोगों की मौत केवल कोरोना की जटिलताओं से हुई है।एक दिन में 15 मरीजों की मौत से सरकार के कान खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला से बात कर चिंता जताई है। मुख्यमंत्री ने हर मौत का ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम और संक्रमितों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराए जाने को भी कहा है। कोरोना संक्रमित मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें हॉस्पिटलाइज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
रोज मिल रहे मरीजों के लिहाज से संक्रमण थमता दिख रहा है। गुरुवार को प्रदेश भर में 52 हजार 411 सैंपल लिए गए। वहीं 5 हजार 649 नए लोगों में संक्रमण की पहचान हुई। इस मान से संक्रमण दर 10.78% बना हुआ है। 19 जनवरी को 54 हजार 600 सैंपल पर 5 हजार 625 लोग पॉजिटिव पाए गए थे। यानी उस दिन संक्रमण दर 10.30% रहा। 18 जनवरी को संक्रमण दर 11.17% थी। वहीं 17 जनवरी को छत्तीसगढ़ की औसत संक्रमण दर 12.02% थी।छत्तीसगढ़ 18 साल से अधिक के 99% लोगों को कोरोना टीके की एक खुराक लग चुकी है। वहीं 68% लोगों को दोनों टीके लग चुके हैं। प्रदेश में 15 से 18 साल के 55% से अधिक किशोरों को कोरोनारोधी टीके की पहली डोज दी जा चुकी है। यहां एक लाख 47 हजार 165 नागरिकों को प्रिकॉशन डोज भी लगाया जा चुका है।