देश में पांच चुनावी राज्यों में अभी रैलियों और सभाओं पर बैन नहीं हटाया जाएगा। चुनाव आयोग ने कोरोना के हालात की समीक्षा के बाद शनिवार को यह फैसला लिया है। आयोग ने रैलियों-सभाओं पर बैन 31 जनवरी तक बढ़ाया है।
8 जनवरी को पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक रैलियों और जनसभाओं पर रोक लगाई थी। कहा था कि रिव्यू के बाद फैसला लेंगे। 15 जनवरी को रिव्यू के बाद बैन 22 जनवरी तक बढ़ा दिया गया था।
आयोग ने बैन के साथ कुछ ढील भी दी
1. आयोग ने डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए लोगों की संख्या 10 कर दी है, पहले यह 5 थी।
2. फेज वन के लिए राजनीति दलों या प्रत्याशियों की बैठक तय की गई खुली जगह पर 500 लोगों की लिमिट के साथ या गाइडलाइंस के मुताबिक ग्राउंड की क्षमता का 50% की जा सकती है। यह 28 जनवरी से 8 फरवरी तक हो सकेंगी। फेज टू के लिए यह छूट एक फरवरी से 12 फरवरी तक रहेगी।
3. इनडोर मीटिंग के लिए लोगों की लिमिट 300 या गाइडलाइंस के मुताबिक हॉल की क्षमता का 50% तय की गई है।
4. वीडियो वैन का प्रचार के लिए इस्तेमाल खुली जगहों पर किया जा सकता है। खुले स्थान पर वैन को देखने वाले 500 से ज्यादा या गाइडलाइंस के मुताबिक जगह की क्षमता का 50% से ज्यादा नहीं हो सकते। इस दौरान ट्रैफिक और लोगों को कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।बीते सात दिन में चुनावी राज्यों में कोरोना का ट्रेंड मिक्स्ड आया है। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में डेली केसेज में 266% की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी कोरोना के मामलों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है।
मणिपुर में 15 जनवरी को 158 केस मिले थे, जो 21 जनवरी तक बढ़कर 578 हो गए, यानी इनमें 266% की बढ़ोतरी हुई है। यहां 15 जनवरी को 1063 एक्टिव केस थे, जो 21 जनवरी तक बढ़कर 2860 हो गए। एक्टिव केस में 1797 (169%) की बढ़ोतरी देखी गई।
उत्तर प्रदेश में 15 जनवरी को 15743 केस आए थे, जो 21 जनवरी तक बढ़कर 16159 हो गए, यानी इनमें 2.64% की बढ़ोतरी दर्ज की गई
ऐसे ही पंजाब में 15 जनवरी को 6813 केस दर्ज किए गए थे, जो 21 जनवरी को 7696 हो गए, यानी इनमें 12.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऐसे में बंदिशें कम करने के बजाय बढ़ाने की जरूरत है। पंजाब में एक्टिव केस में भी इजाफा हुआ है। यहां 15 जनवरी को 37546 सक्रिय केस थे। 21 जनवरी को केस बढ़कर 48183 हो गए। एक्टिव केस में 10,937 (28.3%) की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं गोवा में इन 7 दिनों में रोजाना केस कम हुए हैं। 15 जनवरी को 3274 मिले थे, जो 21 जनवरी तक घटकर 2668 रह गए। यहां केस में 18.5% की गिरावट देखी गई है। गोवा में 15 जनवरी को 20078 एक्टिव केस थे, जो 21 जनवरी को 21974 हो गए। इनमें 1896 (9.44%) की बढ़ोतरी हुई है।
उत्तराखंड में 15 जनवरी को 3848 केस दर्ज किए गए थे, जो 21 जनवरी को बढ़कर 4964 हो गए। यहां मामलों में 29% का इजाफा हुआ है। राज्य में 15 जनवरी को 14892 एक्टिव केस थे, जो 21 जनवरी को बढ़कर 26950 हो गए। इनमें 12058 (81%) हुई बढ़ोतरी हुई है।
चुनाव आयोग ने 8 जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में चुनावों की तारीखों की घोषणा की थी। तब कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 15 जनवरी तक रैलियों पर रोक लगाई गई थी। इस रोक को 22 जनवरी तक बढ़ा दिया गया था।उत्तर प्रदेश में 7 चरणों में वोटिंग होगी, 10 फरवरी से 7 मार्च तक। उत्तराखंड और गोवा में एक साथ 14 फरवरी को वोटिंग होगी। पंजाब में 20 फरवरी को, वहीं मणिपुर, में 27 फरवरी और 3 मार्च को वोट पड़ेंगे। सब जगह नतीजे 10 मार्च को आएंगे।