कर्नाटक में हिजाब पर बवाल के बीच सरकार ने स्कूलों में ड्रेस कोड नियम लागू रखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री बासवाराज बोम्मई की अध्यक्षता में बैठक के बाद कहा गया कि हाईकोर्ट में सुनवाई तक ड्रेस कोड नहीं हटाया जाएगा। हाईकोर्ट में आठ फरवरी को इस मामले में सुनवाई है।
बैठक के बाद कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीवी नागेश ने पत्रकारों को बताया कि ड्रेस का मामला अभी अदालत में है। मुख्यमंत्री ने कानून और शिक्षा विभाग के साथ बातचीत की है। उन्होंने हमें एडवोकेट जनरल की राय लेने के बाद अदालत को सरकार के रुख से अवगत कराने की सलाह दी है। कानून विभाग ने बैठक में अवगत कराया कि कानून और नियम क्या कहते हैं।
स्कूली छात्राओं के हिजाब पहनने को लेकर हो रहे विवाद पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि हिजाब को छात्रों की शिक्षा में आड़े आने देकर हम भारत की बेटियों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। मां सरस्वती सभी को ज्ञान देती हैं। वह भेदभाव नहीं करती हैं। वहीं कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के सिद्धारमैया ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाया। इससे पहले, उडुपी में कुछ छात्र भगवा गमछा लपेटकर स्कूल पहुंचे थे।
कर्नाटक में जनवरी की शुरूआत में हिजाब का विवाद शुरू हुआ था, जब उडुपी के एक कॉलेज में 6 मुस्लिम छात्राएं क्लासरूम में हिजाब पहनने पर अड़ गई थीं। कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा था कि छात्राएं कॉलेज कैम्पस में हिजाब पहन सकती हैं, लेकिन क्लासरूम में इसकी इजाजत नहीं है।
स्कूल प्रशासन की इस फैसले के बाद छात्राओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते-देखते ही राज्य के कई हिस्सों में हिजाब को लेकर प्रोटेस्ट होने लगा। कर्नाटक में साल 2018 में भी हिजाब का विवाद सामने आया था। तब हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने फैसला दिया था कि क्लासरूम में हिजाब पहनना गलत है।