‘सिख फॉर जस्टिस’ पर सरकार का एक्शन:पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के ऐप, वेबसाइट, सोशल मीडिया हैंडल बैन

‘सिख फॉर जस्टिस’ पर सरकार का एक्शन:पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के ऐप, वेबसाइट, सोशल मीडिया हैंडल बैन

केंद्र सरकार ने खालिस्तान का समर्थन करने वाले बैन आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) पर एक्शन लिया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के ऐप, वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। मंत्रायल को मिले इनपुट के आधार पर पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के सभी प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया है। पंजाब पॉलिटिक्स टीवी का कनेक्शन ‘सिख फॉर जस्टिस’ से बताया जा रहा है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय को जानकारी के मुताबिक, पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के इन चैनल्स के जरिए विधानसभा चुनावों में माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई थी। वो ऑनलाइन मीडिया का भी सहारा ले रहा था। मंत्रालय ने IT नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पंजाब पॉलिटिक्स टीवी के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया है।आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता कुमार विश्वास द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाने के बाद अलगाववादी तत्वों के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का डर बढ़ गया है। विश्वास ने आरोप लगाया कि आप के राष्ट्रीय संयोजक पंजाब के मुख्यमंत्री बनने के लिए भारत की संप्रभुता और अखंडता से समझौता करने के लिए तैयार थे। केजरीवाल ने इस दावे को बेबुनियाद बताया था।

कर्नाटक हिजाब विवाद के दौरान हो रहे प्रदर्शन में भी सिख फॉर जस्टिस का नाम सामने आ चुका है। खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI खालिस्तानी आतंकी संगठन के जरिए भारत में हिजाब रेफरेंडम के जरिए अराजकता फैलाने की साजिश रच रही हैं। भारत में हिजाब रेफरेंडम के लिए वेबसाइट भी बनाई गई है। हिजाब विवाद को भड़काने के लिए सिख फॉर जस्टिस ने प्रोपेगेंडा वीडियो जारी किया था। वीडियो में हिजाब विवाद वाली लड़की मुस्कान की तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया गया था।

भारत सरकार ने 26 मई, 2021 को नए इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 लागू किए हैं। नए IT नियम 16 की आपातकालीन शक्तियों की बदौलत सरकार किसी चैनल, वेबसाइट्स और सोशल प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर सकती है। सरकार ने नए नियमों के इस मंशा के साथ तैयार किया है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की घटनाओं को रोका जा सके। इनमें आतंकवादियों की भर्ती के लिए लालच देना, आपत्तिजनक कंटेंट का सर्कुलेशन, वित्तीय धोखाधड़ी, हिंसा को बढ़ावा देने जैसे कई मुद्दे शामिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *