छत्तीसगढ़ के एक लाख से अधिक आबादी वाले 10 शहरों को विकास के लिए 15 वें वित्त आयोग से 500 करोड़ रुपए मिलेंगे। यह पैसे इन शहरों में विशेष आर्थिक जोन (इकोनाॅमिक क्लस्टर) के अलावा, भूजल स्तर और लोकल ट्रांसपोर्ट जैसे सिस्टम को सुधारने के लिए दिए जाएंगे। राशि लोकल एरिया प्लान में भी लगेगी।
भूजल स्तर सुधारने के लिए ग्राउंड वाटर लेवल को बढ़ाने वाली ऐसी संरचनाएं बनेंगे, जो स्पंज की तरह प्राकृतिक पानी को सोखकर भूजल स्तर बढ़ाएगी। इसलिए कहा जा रहा है कि इस योजना में शहरों को स्पंज सिटी के रूप में डेवलप किया जाएगा।
इन कामों के लिए एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों रायपुर, दुर्ग, भिलाई (रिसाली भी), राजनांदगांव, बिलासपुर, अंबिकापुर, कोरबा, रायगढ़ और जगदलपुर से 15 अक्टूबर तक प्लान बनाकर केंद्र को भेजना है। जिन शहरों के प्लान उपयुक्त नहीं होंगे, उन्हें फंड नहीं मिलेगा, बाकी को फंड जारी कर दिया जाएगा। शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है।
केंद्र की इस योजना में ज्यादा फोकस शहरों में भूजल स्तर को सुधारना है। इसके लिए शहर में ऐसे स्थान चुने जाएंगे, जहां जमीन ज्यादा से ज्यादा बारिश का पानी सोख सके। शहर में जितने भूजल का दोहन हो रहा है, उन स्त्रोतों को भी रिचार्ज करने के लिए ऐसी संरचनाएं बनेंगी, जो पानी सोख लेंगी।
इसमें पीने के शुद्ध पानी, ड्रेनेज सिस्टम, बारिश के पानी के मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा। इस काम को करने के लिए एक फ्रेम वर्क भी बनाया जाएगा, जिसमें ओपन स्पेस एरिया के जरिए भूजल संवर्धन पर भी फोकस रहेगा।2011 की जनगणना के मुताबिक प्रदेश की 59.36 लाख से अधिक आबादी शहरों में रहती है। प्रदेश की प्रोजेक्ट आबादी 3 करोड़ के मुताबिक बीते 10 साल में शहरी इलाकों में आबादी बढ़कर करीब 69.72 लाख हो गई है। 2011 में 9 नगरीय निकायों में आबादी एक लाख से अधिक आंकी गई थी।
मिली जानकारी के मुताबिक स्पेशल अर्बन रिफॉर्म के तहत इस योजना के तहत चुने हुए शहरों में 500 करोड़ के फंड से शहरी अर्थ व्यवस्था को रफ्तार देने के लिए स्पेशल इकोनॉमी जोन भी बनाए जाएंगे।
10 शहरों को टीपीएस यानी टाउन प्लानिंग स्कीम और लोकल एरिया प्लान (एलएपी) बनाकर शहर के एक विशेष हिस्से को डेवलपमेंट के लिए चुनना होगा। जिसमें जन सुविधाओं से जुड़े मार्केट प्लेस, पार्क, स्कूल अस्पताल आदि सुविधाएं डेवलप होगी। शहर के इकोनॉमिक कल्स्टर को रेलवे, बस और एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए भी इसमें काम किया जाएगा।