मुख्यमंत्री की पत्नी मुक्तेश्वरी बना रहीं खुरमी:बघेल बोले-श्रीमती जी को हर तीज-त्योहार पर लगन से पकवान बनाते देखा; 

मुख्यमंत्री की पत्नी मुक्तेश्वरी बना रहीं खुरमी:बघेल बोले-श्रीमती जी को हर तीज-त्योहार पर लगन से पकवान बनाते देखा; 

छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोला करीब है। प्रदेश में इन त्योहारों में किसान अपने बैलों की पूजा करते हैं। महिलाएं तीजा का उपवास करती हैं। मायके जाती हैं। छत्तीसगढ़ के इन सबसे मशहूर त्योहारों में गलियों में उड़ती है पारंपरिक पकवानों की खुशबू। ऐसी ही खुशबू उड़ रही है रायपुर के मुख्यमंत्री निवास में भी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल तैयार कर रही हैं प्रदेश में सबसे अधिक पसंद किए जाने वाला व्यंजन खुरमी। इसे शक्कर पारे के तौर पर भी देशभर में जाना जाता है। मैदे से तैयार होने वाले कुरकुरे स्नैक्स फ्लेवर हल्के मीठे होते हैं। खुद मुख्यमंत्री ने पत्नी की किचन में काम करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं।मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा – तीजा-पोला की तैयारी। श्रीमती जी ने ठेठरी, खुरमी और चूरमा जैसे पारंपरिक पकवान तैयार कर दिए हैं। शादी के बाद से ही मैंने उन्हें हर तीज त्योहार पर इतनी ही लगन से पकवान अपने हाथों से बनाते देखा है।

छत्तीसगढ़ में इस लोक पर्व पर घरों में ठेठरी, खुरमी, चौसेला, खीर, पूड़ी, बरा, मुरकू, भजिया, मूठिया, गुजिया, तसमई जैसे कई छत्तीसगढ़ी पकवान बनाए जाते हैं। इन पकवानों को सबसे पहले बैलों की पूजा कर भोग लगाया जाता है। इसके बाद घर के सदस्य प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।छत्तीसगढ़ी में इस त्यौहार को पोरा या पोला कहा जाता है। इस दिन से महिलाओं को तीज के लिए मायके आने के लिए लिवाने जाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। बच्चे मिट्‌टी नांदिया-बैल व पोरा-चक्की से खेलने में मगन हो जाते हैं। राजधानी रायपुर में कई स्थानों पर बैल दौड़ का आयोजन किया जा जाता है।

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