2026 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को बड़ा झटका लगा है। आस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में होने वाले CWG- 2026 के 17 खेलों की सूची से कुश्ती यानी रेसलिंग को बाहर कर दिया है। इसका सबसे बड़ा नुकसान हरियाणा को होगा। अभी तक रेसलिंग में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाले खिलाड़ी हरियाणा से ही हैं।
इसी साल भारत ने बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में कुश्ती में सबसे अधिक 12 (6 स्वर्ण, 1 रजत, 5 कांस्य) पदक हासिल किए थे। इनमें सभी हरियाणा के ही रेसलर थे। जिन्हें अब इस फैसले से निराशा हुई है। यह खेल 2010 के बाद से लगातार चार कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल रहा।हरियाणा के पहलवानों ने कहा है कि भारत को इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच और राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के समक्ष रणनीतिक दृष्टिकोण से उठाना चाहिए। निशानेबाजी और कुश्ती दोनों में भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया है। 2022 में शूटिंग और अब 2026 में कुश्ती भारतीय खेल टीम के अभियान के लिए एक बड़ा झटका है।