छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पहली बार एक बिल-विधेयक पर बवाल हो गया है। नौबत मंत्रियों-विधायकों के बीच धक्कामुक्की तक पहुंच गई है। मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने आरोप लगाया कि आरक्षण का विरोध करते हुए भाजपा विधायकों ने अनुसूचित जाति के एक मंत्री से धक्कामुक्की की है। वहीं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, डहरिया जी तो केवल टूल हैं। उनको संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उकसाया है।
दरअसल विधानसभा में आरक्षण पर संशोधन विधेयक पेश होने के तुरंत बाद विपक्ष खासकर भाजपा विधायकों ने व्यवस्था का प्रश्न उठा दिया। विधायक बृजमोहन अग्रवाल का कहना था, “जो मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, उस पर विधानसभा में चर्चा कैसे हो सकती हो।’ भाजपा विधायक अध्यक्ष से इसका जवाब मांगने लगे। सत्ता पक्ष के विधायकों खासकर मंत्री रविंद्र चौबे, अमरजीत भगत, शिव् डहरिया आदि ने इसका तीखा विरोध किया। बृजमोहन अग्रवाल आरक्षण विधेयक पर सर्वोच्च न्यायालय में सरकार के अपीलर्थी होने का ज़िक्र करते हुए आपत्ति जता रहे थे। विपक्ष इस कदर भड़का कि सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष की नोंकझोंक जारी रही। विपक्ष ने चुनौती दी तो मंत्री शिव डहरिया तैश में आकर वेल में आ गए। उसी समय अजय चंद्राकर और बृजमोहन अग्रवाल भी वेल में उतरकर मंत्री की ओर बढ़े। बीच में दोनों एक दूसरे से गुत्थमगुत्था हो गए। इस बीच दूसरे विधायकों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया।