विधानसभा से पारित आरक्षण संशोधन विधेयक पर सोमवार को राज्यपाल परीक्षण के बाद साइन कर देंगी। शनिवार को मीडिया से चर्चा करते हुए राज्यपाल अनुसुईया उइके ने यह जानकारी दी। राज्यपाल के साइन होते ही प्रदेश में नए आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दरअसल, शुक्रवार को विधानसभा ने आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित कर दिया।
कांग्रेस सरकार के वरिष्ठ मंत्री इस पर साइन कराने के लिए रात में ही राज्यपाल के पास पहुंच गए, लेकिन राज्यपाल ने तत्काल साइन नहीं किया। शनिवार को रायपुर में एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल हाेने पहुंची राज्यपाल ने कहा कि विधेयक जब मेरे पास आता है तो उसके बारे में पूरी तरह से परीक्षण किया जाता है। पूरी प्रक्रिया का पालन करना होता है। सचिवालय से लीगल एडवाइजर के पास जाता है। वे इसको देखते हैं।
अंत में मेरे पास भेजते हैं। ऐसा नहीं है कि विधानसभा में विधेयक पास हुआ और मैं साइन कर दूं। मेरे लीगल एडवाइजर अपने परिजन की शादी की वजह से छुट्टी पर हैं। आज शनिवार है, रविवार के बाद सोमवार को मैं इस पर हस्ताक्षर करूंगी। मैंने तो पहले ही कहा है कि इस मामले में मेरा सकारात्मक सहयोग मिलेगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जो हमने कहा वो किया। पेसा कानून लागू किया। आदिवासियों से कहा था आरक्षण लागू करेंगे। शुक्रवार को विधानसभा में यह पारित हो गया। इसके तहत अनुसूचित जनजाति को 32%, अनुसूचित जाति को 13%, ओबीसी को 27% और ईडब्लूएस को 4% देने की व्यवस्था की गई है। आरक्षण प्रदेश के दो करोड़ 80 लाख लोगों के लिए है।